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असदुद्दीन ओवैसी का ताज़ा बयान: महिलाओं पर हिंसा करने वालों के लिए पैगंबर का उदाहरण

नई दिल्ली 
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 'आई लव मोहम्मद' वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों को बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि यदि आप पोस्टर उठाकर प्रदर्शन करने जाते हैं तो उसे फेंककर लौट नहीं जाना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि आप आई लव मोहम्मद बोलते हो तो पोस्टर को दिल से लगाकर रखो। यह नहीं कि प्रदर्शन किया और फिर फेंक कर चले गए। पोस्टर उठाना आसान है, लेकिन उनसे कुछ सीखना भी चाहिए। आखिर कितने शादीशुदा लोग हैं, जो अपनी पत्नियों पर हाथ उठाते हैं। पैगंबर मुहम्मद ने कभी किसी महिला पर उंगली तक नहीं उठाई थी।

ओवैसी ने कहा कि यह याद रखने की जरूरत है कि पैगंबर मुहम्मद घर में अपना काम खुद करते थे। आपका हाल यह है कि आप पहुंचते हैं तो कहते हैं कि चाय लाओ, पानी लाओ। ऐसा लगता है कि जैसे आप कोई बहुत बड़ा जिहाद करके आए हैं। AIMIM लीडर ने कहा कि यह सोचने की बात है कि पैगंबर मोहम्मद के दौर में महिलाएं कैसे रहती थीं। तब महिलाओं को पूरे अधिकार मिले थे और वे पढ़ सकती थीं। उन्हें कोई देख नहीं सकता था, लेकिन उन्हें रोका नहीं गया कि वे तालीम हासिल न करें।

हैदाराबाद के सांसद ने कहा कि हमें देखना होगा कि हमारी बेटियां पढ़ें। आई लव मोहम्मद का पोस्टर उठाने से ही सब कुछ नहीं होता। असल में पूछ तो अशर के मैदान में होगी कि आपने जिंदगी में क्या किया। महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि आज बहुत से लोग अपने मां-बाप को ही बुजुर्ग होने पर बोझ समझते हैं। जमीन के लिए लड़ते हैं और खानदान में दीवारें उठ जाती हैं।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें हर दिन नमाज पढ़नी चाहिए। यह सिर्फ जुमे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा रमजान में हर दिन रोजा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ढाई पर्सेंट जकात का नियम है तो फिर उसमें डंडी नहीं मारनी चाहिए। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसा ने मुस्लिम युवाओं से नशे से दूर रहने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यदि आप नशा करके शरीर को कमजोर कर लेंगे तो फिर कौम की दीवार ही गिर जाएगी। यदि किसी घर की दीवार गिर जाती है तो लोग घर बना लेते हैं। ऐसे ही आप गिर जाएंगे तो कौम कमजोर हो जाएगी।

 

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