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देश

GST दरों में कटौती के बावजूद 1.89 लाख करोड़ की कमाई, सरकार का रेवेन्यू 9% बढ़ा

नई दिल्ली
 वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी (GST) कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। बीते महीने यानी सितंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन एक महीने पहले यानी अगस्त 2025 से भी ज्यादा रहा है। जबकि इस महीने जीएसटी की दरों में काफी कमी की गई। यदि इसकी तुलना एक साल पहले यानी सितंबर 2024 के कलेक्शन से करें तो यह 9.1 फीसदी ज्यादा है।

कितना रहा कलेक्शन
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में कुल जीएसटी राजस्व 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा था। एक महीने पहले यानी कि अगस्त 2025 में यह 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा था।

टैक्स घटाने का फायदा मिला
जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने ही जीएसटी की दरों में भारी कटौती का फैसला किया है। यह निर्णय बीते 22 सितंबर से लागू हुआ है। इस दौरान लोगों ने इतनी खरीदारी की कि सितंबर में सकल घरेलू राजस्व 6.8% बढ़कर ₹1.36 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन में भी 15.6% की बढ़ोतरी देखी गई। इस मद में ₹52,492 करोड़ रहा।

मंत्रालय ने कहा कि लगातार बेहतर कलेक्शन से न सिर्फ सरकारी खजाने को मजबूती मिल रही है बल्कि यह अर्थव्यवस्था में खपत और कारोबारी गतिविधियों की मजबूती को भी दिखाता है। 

IGST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड

एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) का कलेक्शन इस साल पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया। सितंबर में IGST की कमाई 1,01,883 करोड़ रुपए रही, जो जनवरी 2025 के रिकॉर्ड 1,01,075 करोड़ रुपए से अधिक है। इससे देश के भीतर व्यापार और वस्तुओं के आदान-प्रदान में तेजी का संकेत मिलता है। हालांकि, सेस कलेक्शन में गिरावट आई है। अप्रैल में यह 13,451 करोड़ रुपए था, जो सितंबर में घटकर 11,652 करोड़ रुपए रह गया। बावजूद इसके, कुल GST संग्रह पर इसका खास असर नहीं पड़ा।

अगस्त और सितंबर के त्योहारों के दौरान GST संग्रह 3.8 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 7.8% अधिक है। त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ने से सरकार को अधिक टैक्स प्राप्त हुआ।

GST परिषद ने सितंबर की शुरुआत में कर प्रणाली में बड़े सुधार किए। चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाया गया। ये बदलाव 22 सितंबर से लागू हैं और इनका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कारोबारियों के लिए आसान बनाना और आम उपभोक्ताओं को राहत देना है।

जीएसटी रिफंड में 40 फीसदी की बढ़ोतरी
इस दौरान GST रिफंड में 40.1% की तगड़ी बढ़ोतरी देखने की मिली है। बीते सितंबर में यह ₹28,657 करोड़ रुपये रहा है जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 20,453 करोड़ रुपये रहा था।

नेट जीएसटी राजस्व में वृद्धि
सितंबर 2025 में नेट जीएसटी राजस्व ₹1.60 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.0% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

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