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उत्तर प्रदेश

ओडीओपी पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, दूसरे दिन 46 हजार लीड्स और ₹20.77 करोड़ के हुए सौदे

यूपीआईटीएस 2025 

सीएम युवा कॉन्क्लेव ने बढ़ाया जोश, तीन दिन में 5.5 हजार बिजनेस पूछताछ और 101 बी2बी बैठकें संपन्न

नीति दिवस पर कृषि व ग्रामीण विकास केंद्रित, फूड प्रोसेसिंग और ब्लू रिवोल्यूशन को मिला बल

खादी फैशन शो ने खादी को दी आधुनिक पहचान, परंपरा और फैशन का संगम बना आकर्षण

सांस्कृतिक संध्या में लोकगायन और नृत्यों ने बांधा समां, मालिनी अवस्थी के सुरों से हुआ भव्य समापन

ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के तीसरे दिन शनिवार को प्रदर्शनी स्थल पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी। कुल 1,25,204 आगंतुकों ने ट्रेड शो का हिस्सा बनकर इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इनमें 35,368 बी2बी और 89,836 बी2सी आगंतुक शामिल रहे। कुल मिलाकर इन तीन दिनों में 2.65 लाख से ज्यादा विजिटर्स, 76 हजार से ज्यादा बी2बी बायर्स और 1.89 लाख से ज्यादा बी2सी विजिटर्स इस मेगा इवेंट का हिस्सा बन चुके हैं। इससे यह साबित हो गया कि यूपीआईटीएस 2025 अब भारत के सबसे बड़े राज्य-नेतृत्व वाले व्यापार मंचों में शुमार हो चुका है। 

सबसे खास उपलब्धि रही अंतरराष्ट्रीय खरीदार-विक्रेता बैठक, जिसे फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) ने आयोजित किया। इस मंच पर सीमा-पार सहयोग की नई राहें खुलीं और उत्तर प्रदेश सहित देशभर के निर्यातकों को वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला। परिणामस्वरूप 288 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिनकी कुल व्यावसायिक राशि ₹89 करोड़ रही। इसने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।

ओडीओपी पवेलियन में 46 हजार से ज्यादा मिलीं लीड्स 
ओडीओपी पवेलियन, जहां 466 स्टॉल संचालित हुए, विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पहले दिन अपेक्षाकृत मामूली कारोबार हुआ, लेकिन दूसरे दिन आंकड़े अभूतपूर्व उछाल पर पहुंचे। 11,305 विज़िटर्स से 46,005 लीड्स उत्पन्न हुईं और कुल ₹20.77 करोड़ के सौदों पर सहमति बनी। यह वित्तीय प्रतिबद्धता पहले दिन की तुलना में कई गुना अधिक थी और इसने यूपी के उद्यमिता व निर्यात की क्षमता को उजागर किया।

डिजिटल सशक्तिकरण और निर्यात संर्वधन पर गहन चर्चा
तीसरे दिन के सत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण और निर्यात संवर्धन पर गहन चर्चा हुई। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स द्वारा आयोजित “ई-कॉमर्स: भारतीय निर्यात के लिए नई सीमा” विषयक सत्र ने दिखाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक मंच पर ला सकते हैं। इसमें औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने भाग लिया। राकेश सचान ने समानांतर रूप से “लोकल से ग्लोबल” विषयक सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें ओडीओपी की ताकत और वैश्विक स्तर पर इसकी संभावनाओं को सामने रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया जाए और इसके लिए डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।

सीएम युवा में तीन दिन के अंदर 5.5 हजार से ज्यादा बिजनेस पूछताछ 
यूपीआईटीएस 2025 में आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव तीसरे दिन का एक और बड़ा आकर्षण रहा। इस मंच ने युवाओं को उद्यमिता की दिशा में न केवल प्रेरित किया बल्कि उनके विचारों को आकार देने का अवसर भी दिया। पहले तीन दिनों में कुल 5,525 बिज़नेस पूछताछ दर्ज हुईं, जिनमें से अकेले तीसरे दिन ही 2,200 पूछताछ सामने आईं। इस दौरान 101 बिज़नेस-टू-बिज़नेस बैठकें आयोजित की गईं और 39 बिज़नेस प्रेज़ेंटेशन युवाओं ने निवेशकों और मेंटर्स के सामने दिए। तीन दिनों में 3,500 पंजीकरण प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि यह मंच युवाओं के लिए नेटवर्किंग और निवेश का सशक्त साधन बन चुका है।

ग्रामीण विकास और कृषि आधारित उद्योगों पर विशेष फोकस 
तीसरे दिन ग्रामीण विकास और कृषि आधारित उद्योगों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने “उत्तर प्रदेश की फूड बास्केट का लाभ उठाना” विषय पर चर्चा की और राज्य की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के उद्देश्यों को रेखांकित किया। इसका मकसद आपूर्ति श्रृंखला का औद्योगीकरण, फार्म-टू-मार्केट लिंकेज को मजबूत करना और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है। इसी क्रम में मत्स्य पालन विभाग ने “ब्लू रिवोल्यूशन” के तहत जलीय कृषि की संभावनाओं को सामने रखा। उत्तर प्रदेश के विशाल जल संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोटीन आपूर्ति और रोजगार सृजन को बढ़ाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

खादी फैशन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बटोरी सुर्खियां
तीसरे दिन का सबसे बहुप्रतीक्षित आकर्षण था खादी फैशन शो। इस आयोजन ने खादी को केवल पारंपरिक कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक परिधान और स्थायी फैशन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। शो ने खादी को ‘राष्ट्र के वस्त्र’ से ‘फैशन के वस्त्र’ में बदलने का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने भाग लिया और खादी के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया। शाम का समय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। कथक की शास्त्रीय सुंदरता, थारू और बधावा नृत्यों की जीवंतता और लोकगायन की भावपूर्ण गूंज ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री मालिनी अवस्थी के सुरमयी गायन ने न केवल दिन का, बल्कि पूरे तीन दिवसीय आयोजन का भव्य समापन किया।

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