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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद

 

आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है: मुख्यमंत्री

विकसित यूपी अभियान के बारे में ग्राम प्रधानों को किया जागरूक, कहा; पंचायत की खुली बैठक में करें चर्चा, हर प्रदेशवासी का सुझाव अमूल्य

प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा

अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा: मुख्यमंत्री

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होंगे, तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा और जब प्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से संवाद कर रहे थे। यह संवाद नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 के संकल्पों से परिचित कराते हुए उनसे इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 अभियान के बारे में जानकारी देने वाली एक वीडियो फ़िल्म भी दिखाई गई और क्यूआर कोड तथा पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने के तरीके से अवगत भी कराया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जब देश की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सबका साझा लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृतकाल के लिए प्रधानमंत्री जी ने 'पंच प्रण' लिए हैं, हर नागरिक इनको अपने जीवन मे उतारे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि यदि गांव सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा और यदि भारत सशक्त होगा तो विश्व मंच पर उसका नेतृत्व सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था के बोझ तले दबा हुआ था। किसान कठिन परिस्थितियों में परिश्रम करते थे, लेकिन सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएँ सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव सरकारी व्यवस्थाओं में गहराई तक जकड़े हुए थे। पलायन की पीड़ा आम परिवारों को झेलनी पड़ती थी और गरीबी के कारण बच्चों की असमय मौतें होती थीं। लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है। 07 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये हो गई है। इन 08 वर्षों में 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का निर्माण हुआ है और अब अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। इसमें तीन प्रमुख थीम रखी गई हैं; अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति। अर्थ शक्ति के अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। सृजन शक्ति के तहत आधुनिक बुनियादी ढाँचा और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जीवन शक्ति का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण है। इसके तहत 12 सेक्टर निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के आधार पर एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जो अगले 22 वर्षों में विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा और रोडमैप तय करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश के इस अभियान पर चर्चा करें, गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दिलाएँ। ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पंचायत की खुली बैठक में जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। आने वाली पीढियां आपके सुझावों पर गर्व करेगी।

उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस यात्रा से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन के रूप में साकार होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की राह पर आगे बढ़ें और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।

 

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