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मध्यप्रदेश

जल्द शुरू होगा सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण, मिट्टी जांच का काम हुआ पूरा

ग्वालियर
ग्वालियर से आगरा के बीच 4613 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका लेने वाली कंपनी जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने मृदा परीक्षण का काम पूरा कर लिया है। गत अप्रैल माह में कंपनी को ठेका मिल गया था और उसे छह माह का समय संसाधन जुटाने के साथ ही अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दिया गया था। अब कंपनी अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अपने तीन बेस कैंप तैयार करेगी और तीन ही स्थानों से एक्सप्रेस वे के निर्माण की शुरूआत की जाएगी।

फोरलेन हाईवे का होगा निर्माण
हालांकि निर्माण कार्य नवंबर माह से शुरू होगा और 30 माह के अंदर कंपनी को यह काम पूरा करना होगा। नए एक्सप्रेस वे के निर्माण के साथ ही कंपनी द्वारा वर्तमान फोरलेन हाईवे के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का ठेका लेने वाली जीआर इंफ्रा कंपनी को अक्टूबर तक का समय निर्माण कार्य के लिए दिया गया है। इस बीच कंपनी ने आगरा, धौलपुर, मुरैना जिलों में साइल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) का काम पूरा कर लिया है, ताकि निर्माण कार्य शुरू होने पर कोई अड़चन ना आए। इसके अलावा अलाइनमेंट ठीक रहे और सारे पुल-पुलियों का काम बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए कंपनी द्वारा तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में एक साथ काम की शुरूआत की जाएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा तीन बेस ऑफिस भी तैयार किए जाएंगे।

काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी
वर्तमान में धौलपुर में एक बेस ऑफिस का काम लगभग अंतिम चरण में है। यहां जमीन पर बाउंड्रीवॉल तैयार कर ली गई है और अंदर अस्थायी कैंप कार्यालय बनाया जाएगा। इसके अलावा भूमि के अधिग्रहण के बदले मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी होने को है। भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाने के बाद एनएचएआइ को पजेशन दिया जाएगा। सरकारी रिकार्ड में भी एनएचएआइ के नाम पर एंट्री की प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे में अक्टूबर तक कंपनी को जमीन भी एनएचएआइ उपलब्ध करा पाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने बेस ऑफिस बनाने शुरू कर दिए हैं और काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी।

ग्वालियर व मुरैना में भी बनेंगे कार्यालय
कंपनी को नए एक्सप्रेस वे के साथ ही वर्तमान हाईवे की मरम्मत का भी काम करना है। ये हाईवे निरावली रायरू तक आता है। इसके अलावा नए एक्सप्रेस वे का अलाइनमेंट भी सुसेरा गांव के पास होगा। ऐसे में कंपनी द्वारा ग्वालियर व मुरैना में भी कार्यालय बनाए जाएंगे ताकि एक ही स्थान से दोनों प्रोजेक्टों की निगरानी व संचालन में दिक्कत ना आए। 

31 पुल तैयार होंगे, छह फ्लाइओवर व एक आरओबी बनेगा
इस पूरे प्रोजेक्ट के अंतर्गत 31 पुल तैयार किए जाएंगे। इसमें आठ बड़े पुल और 23 छोटे पुल शामिल हैं। इसके अलावा 192 कलवर्ट यानी पुलिया भी तैयार की जाएंगी। इसके अलावा छह फ्लाइओवर और एक रेल ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा। ये ओवरब्रिज जाजऊ स्टेशन के पास बनाया जाएगा। इसके अलावा चंबल नदी पर 300 मीटर लंबा हैंगिंग ब्रिज बनाया जाएगा। इस ब्रिज का कोई भी पिलर नदी में खड़ा नहीं किया जाएगा, बल्कि नदी के किनारों पर पिलर तैयार होंगे। नदी के ऊपर पूरा पुल झूलता रहेगा।

ये है प्रोजेक्ट
ग्वालियर से आगरा के बीच 88.400 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे का एनएच नंबर 719डी रखा गया है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा से ग्वालियर पहुंचने में एक से सवा घंटा लगेगा। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका जीआर इंफ्रा कंपनी को दिया गया है।  

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