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छत्तीसगड़

इतिहास रचते हुए बलौदाबाजार के युवाओं ने की बाइक से चारधाम यात्रा, कहा – हर किसी को करनी चाहिए ऐसी सफर

बलौदाबाजार
 कभी केवल आस्था का केंद्र समझी जाने वाली चारधाम यात्रा अब साहस और रोमांच का प्रतीक भी बन रही है. बलौदाबाजार नगर के दो युवाओं ने साहस और आस्था का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा दिया है. नगर के शालीन साहू और हरि पटेल ने बाइक से 16 दिनों में करीब 4400 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी कर उत्तराखंड स्थित चार धाम – केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए. इससे पहले भी ये दोनों युवा अपनी साहसिक यात्राओं के लिए जाने जाते रहे हैं. वे उत्तरप्रदेश के प्रयाग कुंभ, महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग और आंध्रप्रदेश के श्री शैलम मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की लंबी यात्राएं बाइक से पूरी कर चुके हैं.

सोनपुरी मंदिर से शुरू हुई यात्रा: दोनों युवाओं ने अपनी यात्रा 2 सितम्बर को बलौदाबाजार के सोनपुरी स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर से आशीर्वाद लेकर शुरू की. रास्ते में छत्तीसगढ़ के मुंगेली, पंडरिया, मध्यप्रदेश के शहडोल और कटनी होते हुए उत्तरप्रदेश के कई शहरों को पार किया. इसके बाद हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे और वहां से उत्तराखंड के सोन प्रयाग तक बाइक से सफर किया. केदारनाथ की यात्रा उन्होंने पैदल पूरी की, क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए करीब 22 किलोमीटर दुर्गम चढ़ाई करनी पड़ती है. बाकी धामों के दर्शन बाइक से ही किए.

बलौदाबाजार के युवाओं ने रचा इतिहास 

16 दिन, 4400 किलोमीटर और रोज 200 से 250 किलोमीटर का सफर: इस यात्रा में दोनों युवाओं ने करीब 16 दिन में 4400 किलोमीटर की दूरी तय की. रोजाना लगभग 200 से 250 किलोमीटर बाइक चलाकर वे आगे बढ़ते थे. सुबह 8 बजे यात्रा शुरू होती, दोपहर में भोजन और विश्राम के लिए रुकते और शाम तक शिविर डालकर विश्राम करते. यात्रा के दौरान उनके पास स्वयं का टेंट और भोजन बनाने का सामान और बाकी जरूरत के सामान थे. वे जहां रुकते, वहीं टेंट लगाकर रात बिताते और खुद ही भोजन तैयार करते.

बाइक से 4400 किलोमीटर का सफर
"चलचित्र देखने जैसी नहीं, उसका हिस्सा बनने जैसी होती है यात्रा": यात्रा के अनुभव साझा करते हुए शालीन साहू ने कहा,"जब हम किसी यात्रा पर बाइक से निकलते हैं तो वह सिर्फ देखने भर की चीज नहीं रहती, बल्कि हम खुद उस यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं. उसका रोमांच और आनंद बिल्कुल अलग होता है. चारधाम यात्रा का सबसे खास अनुभव यह है कि यहां आप एक साथ भारत के सभी मौसम – गर्मी, सर्दी और बरसात का एहसास कर पाते हैं."

बाइक से चारधाम यात्रा 

युवाओं के लिए संदेश: शालीन साहू ने युवाओं से आह्वान किया कि भारत जैसे आध्यात्मिक देश में ऐसी साहसिक यात्राएं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यात्रा सिर्फ दर्शन नहीं, बल्कि आत्म अनुशासन, साहस और धैर्य सिखाती है. युवाओं को इस तरह की यात्राओं के लिए आगे आना चाहिए.

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