<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

ऑपरेशन के दबाव में नक्सलियों का आत्मसमर्पण, नारायणपुर में बड़ी सफलता

नारायणपुर

छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षाबलों के सतत् "नक्सल उन्मूलन अभियान" के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है. 17 सितम्बर 2025 को नारायणपुर में 12 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने की शपथ ली. इनमें 2 एरिया कमेटी सदस्य समेत कुल 18 लाख रुपये के इनामी नक्सली शामिल हैं. इससे पहले 11 सितंबर को नक्सलियों के स्लीपर सेल के 16 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था.

18 लाख के इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण: बुधवार को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एरिया कमेटी सदस्य, LOS-CNM सदस्य, PPCM, जनताना सरकार अडयाभ, मिलिट्री लाटून सदस्य, प्लाटून पार्टी सदस्य, सीएनएम सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार सदस्य शामिल हैं.

नारायणपुर नक्सल सरेंडर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और विभिन्न वारदातों में शामिल रहे हैं. सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, लगातार कैम्पों की स्थापना, नक्सलियों की अमानवीय और आधारहीन विचारधारा, बाहरी माओवादियों द्वारा भेदभाव और महिलाओं के शोषण से त्रस्त होकर उन्होंने मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया. इंटेरोगेशन में नक्सलियों ने स्वीकार किया कि शीर्ष माओवादी लीडर ही आदिवासियों के असली दुश्मन हैं, जो जल-जंगल-जमीन और न्याय के झूठे सपनों का लालच देकर ग्रामीणों को गुलाम बनाते हैं. महिला नक्सलियों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण की बात भी उन्होंने खुलकर सामने रखी.

नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे सरेंडर
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि: आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया. साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम, पद और घोषित इनामी राशि इस प्रकार है :
1. सुदरेन नेताम उर्फ सुधाकर – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख
2. धोबा सलाम उर्फ महेश सलाम – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख
3. सतारो सलाम – AOS-CNM सदस्य, इनाम ₹2 लाख
4. लक्ष्मण माडवी – मिलिट्री लाटून PPCM, इनाम ₹2 लाख
5. राजू राम ओयाम – पार्टी सदस्य (PM), इनाम ₹1 लाख
6. चैतू उर्फ बलदेव मरकाम – जनताना सरकार अडयाभ, इनाम ₹1 लाख
7. आयते पोडियाम – SZCM पार्टी सदस्य, इनाम ₹1 लाख
8. कुमे माड़वी– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार
9. मंगतू वड्डदा– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार
10. रुक्मी पोडियाम – जनताना सरकार सदस्य
11. शंकर मड़काम – मिलिशिया कमांडर
12. मंगलो पोडियाम – जनताना सरकार उपाध्यक्ष

जिला पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने कहा – "अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में रहने वाले आदिवासी बंधुओं को माओवादी विचारधारा से बाहर निकालना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही हमारी प्राथमिकता है."

वहीं बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी.ने कहा "वर्ष 2025 में शीर्ष माओवादी नेतृत्व को सुरक्षा बलों ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते संगठन के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है."

नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे समर्पण: समर्पण कार्यक्रम के दौरान 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार भारदाज, 38वीं वाहिनी आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी अशोक कुमार, जिला पुलिस अधिकारी व अन्य सुरक्षाबल मौजूद रहे.

नारायणपुर में 12 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि अबूझमाड़ में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर हो रही है और आदिवासी समाज नक्सली विचारधारा से तंग आकर विकास की राह पर लौट रहा है. यह समर्पण न केवल सुरक्षाबलों की रणनीतिक सफलता है बल्कि स्थानीय आदिवासी समाज के लिए एक नई उम्मीद भी है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button