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छत्तीसगड़

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर ठोस कार्ययोजना बनाएं: टंकराम वर्मा की अधिकारियों को हिदायत

रायपुर

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता सुधार एवं राज्य की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल जरूरी है।

मंत्री वर्मा ने बैठक में स्टेट हायर एजुकेशन प्लान (SHEP) का निर्माण, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत, रूसा की प्रिपरेटरी ग्रांट एवं डडम्त् मद से प्रशिक्षण कार्यक्रम, राज्य उच्चतर शिक्षा योजना अंतर्गत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारण तथा संस्थागत विकास योजनाओं (IDP) के अनुरूप बजट अनुमान शामिल आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं, विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे जनजाति बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और नवाचार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार’ जैसे विशेष कार्यक्रमों और वन-औषधियों के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष कार्यक्रम, उच्च शिक्षा का डिजिटाइजेशन एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा साथी, समर्थ, एमओओसी, स्वयं, स्वयं प्रभा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया।

बैठक में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप, पेटेंट और विश्व स्तरीय शोध को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक पहल करने पर सहमति बनी। अंत में, राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार हेतु नीतिगत निर्णय लेने की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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