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मध्यप्रदेश

बाघों की गणना को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला, वन्यजीव सर्वेक्षण पर मंथन

भोपाल 

ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन–2026 विश्व का सबसे बड़ा वन्यजीव सर्वेक्षण की शुरुआत मध्य भारत से हुई। इस राष्ट्रीय अभियान की पहली क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सोमवार को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्कूल के बच्चों द्वारा “बाघ राखी” से हुआ, जो बाघ संरक्षण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर लघु डॉक्यूमेंट्री “एक नई सहर” तथा फिल्म “बाघ रक्षक : साइलेंट वॉरियर्स ऑफ पेंच” का टीज़र भी लॉन्च किया गया। साथ ही पेंच के समर्पित फ्रंटलाइन स्टाफ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में लगभग 150 अधिकारी 22 टाइगर रिज़र्व और बाघ कॉरिडोर से जुड़े परिदृश्यों से इस भाग ले रहे हैं।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णामूर्ति, NTCA के डीआईजी डॉ. वैभव माथुर, पेंच टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. तथा डॉ. नातेशा, डॉ. बिलाल हबीब नोडल अधिकारी टाइगर सेल (WII) सहित पाँच राज्यों के फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ/डिप्टी डायरेक्टर, एसीएफ, रेंज ऑफिसर, फील्ड बायोलॉजिस्ट और फ्रंटलाइन स्टाफ सम्मिलित हुए।

विशेषज्ञ अधिकारियों को टाइगर एस्टीमेशन की वैज्ञानिक कार्यप्रणालियों, MSTrIPES ऐप आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग, कैमरा ट्रैपिंग, ऑक्यूपेंसी सर्वे और फील्ड अभ्यास पर प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। कार्यशाला ज्ञान और अनुभव साझा कर सहभागी अधिकारी एक-दूसरे के व्यावहारिक अनुभवों से सीख सकें और वैज्ञानिक पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बना सकें।

कार्यशाला प्रशिक्षकों की तैयारी का महत्वपूर्ण प्रथम चरण है, जो आगे अपने क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे और टाइगर एस्टीमेशन-2026 को सफल बनाएंगे।

 

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