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छत्तीसगड़

सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में यूनिसेफ इंडिया देगा तकनीकी सहयोग

सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया।

मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुसोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

सुहेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

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