<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यावरण की स्वच्छता के लिए समाज और सरकार करें साझा प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ और समृद्ध बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल में बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना की तैयारी
मुख्यमंत्री ने की पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यावरण की शुचिता बनाये रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण से ही प्रदेश के हर नागरिक का जीवन स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ कारगर कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल एवं वायु की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन दो विशेष घटकों की शुद्धता पर ही संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर की स्थापना होनी है। इस कार्य में गति लाएं और जल्द से जल्द इस कार्य को अंजाम दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की शुद्धता से ही हम सबका जीवन सुरक्षित रह सकता है और यह संदेश समाज तक भी पूरी जिम्मेदारी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की बेहतरी केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। समाज और सरकार के साझा प्रयास ही पर्यावरण को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाब में डल झील की तरह शिकारे चलाने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एक वृहद विषय है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य आधारित कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर के अलावा जबलपुर, रीवा, सागर एवं खजुराहो में भी हीट कंट्रोल के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि प्रदेश में अमरकंटक, पचमढ़ी और पन्ना पहले से ही यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित हैं। इसके अलावा अब कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित कराने के लिए समुचित कार्यवाही की जाए।

अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण अशोक वर्णवाल ने भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेट ऑफ द आर्ट के सहयोग से बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना करने की विभागीय योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संभवत: देश का पहला बॉयो डायवर्सिटी पार्क होगा। यह अहम जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे देश का मॉडल बॉयो डायवर्सिटी पार्क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल शहर को जैव विविधता के संरक्षण के मामले में एक नई पहचान देने वाले इस नवाचार के लिए सभी कार्यवाहियां तेजी से पूरी की जाएं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि बड़े तालाब में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मानसून अवधि के बाद की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषण फैलाने वाले अर्थात् लाल श्रेणी के उद्योगों की संख्या घट गई है, इससे पर्यावरण और बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत प्रदेश के पहले से शामिल 7 शहरों के अलावा 3 नए शहरों मंडीदीप, सिंगरौली और पीथमपुर को भी इस प्रोग्राम में शामिल करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में विभाग द्वारा यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का सुरक्षित रूप से भस्मीकरण कराया गया। रियल टाइम क्रॉप बर्निंग मॉनीटरिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कर इसका डाटा पब्लिक पोर्टल पर प्रसारित किया गया। प्रदेश के सभी जिलों के लिए राज्य पर्यावरण योजना एवं जिला पर्यावरण योजना का अपडेट पोर्टल उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषणकारी उद्योगों एवं संक्रामक कचरे (बॉयो मेडिकल वेस्ट) के समुचित निपटान के लिए हर माह एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा, गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों पर कार्यवाही भी की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के अंतर्गत जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से प्रदेश की 5 रामसर साइट क्रमश: भोज वेटलैण्ड भोपाल, सिरपुर, यशवंत सागर इंदौर, तवा जलाशय नर्मदापुरम एवं साख्य सागर शिवपुरी में उपलब्ध सभी जैव विविधताओं का सर्वे कर विधिवत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरित मध्यप्रदेश मिशन के तहत विभाग अगले तीन माह में एक मिशन डाक्यूमेंट तैयार कर शासन को प्रस्तुत करेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन में पर्यावरण विभाग के साथ-साथ वन एवं कृषि विभाग को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में करीब 247 नदियां हैं, इन सभी नदियों का भी दस्तावेजीकरण कराया जाए।

बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button