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मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला: मंत्री-विधायकों के काम का करेंगे सटीक मूल्यांकन

भोपाल.
मध्य प्रदेश के मंत्री-विधायकों ने दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद 20 महीने में क्या काम किए, इसका हिसाब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे और विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसी के आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में इसी के आधार पर मंत्रियों का भविष्य भी तय होगा। डॉ. मोहन यादव द्वारा अक्टूबर में मंत्रियों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने की तैयारी है।

विधायकों का काम देखेंगे सीएम
इसमें मंत्रियों को विभागवार कामकाज की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री विधायकों का कामकाज भी देखेंगे। विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपनी विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

सीएम ने पहले भी तैयार कराई थी रिपोर्ट तैयार
बता दें, डा. मोहन यादव ने पहले भी मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन की एक रिपोर्ट तैयार कराई थी, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई। हाल ही में भोपाल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को भी यही रिपोर्ट दिखाई गई थी।

गांव में रात्रि विश्राम और चौपाल की जानकारी भी ली जाएगी मुख्यमंत्री मंत्रियों से यह भी पूछेंगे कि उन्होंने कितने गांवों में रात्रि विश्राम किया और चौपाल लगाई। प्रभार के जिलों में प्रति माह दौरा कर रहे हैं या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि मंत्रियों का अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ तालमेल कैसा है।

पार्टी के दृष्टिकोण से यह भी देखा जाएगा कि संगठन के कामकाज में उनकी सहभागिता कैसी है। केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके अलावा मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता की संतुष्टि के बारे में भी जानकारी लेकर इस पर चर्चा की जाएगी।

मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत
डा. मोहन यादव जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। बता दें, रामनिवास रावत के चुनाव हारने और इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियमानुसार 35 मंत्री हो सकते हैं।

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