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विदेश

क्या असीम मुनीर के परिवार को मिली अमेरिका की नागरिकता? पढ़ें पूरा मामला

न्यूयॉर्क

पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों और नेताओं का लगाव अपने ही मुल्क से कम और विदेशों से ज्यादा दिखाई देता है. रिटायरमेंट के बाद ये अक्सर दूसरे देशों में जाकर बस जाते हैं. इनके बच्चे भी ज्यादातर बाहर ही पढ़ते हैं. अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है.

चर्चा यह है कि पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की पत्नी सईदा इरम ने जून के पहले हफ्ते में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था. कहा जा रहा है कि 22 अगस्त को सईदा इरम और उनके तीनों बच्चों को अमेरिकी पासपोर्ट मिल गया. यह दावा मेजर जनरल राजू चौहान से जुड़े एक एक्स अकाउंट पर किया गया. अकाउंट पर उन्होंने लिखा- ‘मैं काफी समय से कह रहा हूं कि अपने सभी पूर्ववर्तियों की तरह, वह (मुनीर) भी पाकिस्तान में सब कुछ बेचकर भाग जाएंगा.’ हालांकि न्यूज18 इंडिया इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है. याद दिला दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यह रिपोर्ट सामने आई थी कि मुनीर ने अपनी पत्नी और बच्चों को विदेश भेज दिया था. वैसे, पाकिस्तान में नेताओं, अफसरों और सैन्य अधिकारियों द्वारा पश्चिमी देशों की नागरिकता लेना कोई नई बात नहीं है.

दोहरी नागरिकता का खेल

पाकिस्तान में दोहरी नागरिकता कानूनी तौर पर मान्य है लेकिन इसकी इजाजत सिर्फ 22 देशों तक सीमित है. इसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप के 14 देश शामिल हैं. संविधान मूल रूप से इसकी इजाजत नहीं देता था, लेकिन 1972 में संशोधन के बाद यह रास्ता खुला. दिलचस्प यह है कि दोहरी नागरिकता वाले लोगों को सरकारी नौकरी की अनुमति नहीं है, लेकिन पाकिस्तान में यह नियम अक्सर मजाक बनकर रह जाता है.

पेंडोरा पेपर्स ने खोली थी पोल

साल 2021 में लीक हुए पेंडोरा पेपर्स ने खुलासा किया था कि पाकिस्तानी सेना के कई वरिष्ठ अफसर और इमरान खान सरकार के मंत्री विदेशों में अरबों की संपत्ति के मालिक हैं. इसी साल जनवरी में आई एक रिपोर्ट में बताया गया कि 22,000 से ज्यादा पाकिस्तानी नौकरशाह दोहरी नागरिकता रखते हैं. कानून के मुताबिक सेना के अफसर दोहरी नागरिकता नहीं ले सकते और सेवा में रहते हुए किसी विदेशी नागरिक से शादी भी नहीं कर सकते. लेकिन असलियत कुछ और ही है. यही वजह है कि 2018 में पाक सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर सरकार को नोटिस भी भेजा था.
दिल तो परदेसी है

    पाक सेना के पूर्व जनरल रहील शरीफ रिटायर होते ही सऊदी अरब चले गए. पूर्व ISI प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शुजा पाशा ने रिटायरमेंट के बाद UAE की एक मल्टीनेशनल कंपनी जॉइन कर ली. दोनों मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब तक मांगा था. कई छोटे रैंक के अफसर भी विदेश जाकर बस जाते हैं.

    राजनीति की बात करें तो पूर्व पीएम नवाज शरीफ के बेटे हसन और हुसैन ब्रिटिश नागरिक हैं. खुद नवाज और उनकी बेटी मरियम नवाज के पास ब्रिटेन का ILR (Indefinite Leave to Remain) है, जो स्थायी निवास की तरह है. भुट्टो परिवार की बात करें तो बिलावल भुट्टो के पास दोहरी नागरिकता नहीं है, लेकिन उनकी मां बेनजीर भुट्टो और पिता आसिफ अली जरदारी ने पढ़ाई विदेश में की.

    पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ की नागरिकता रद्द कर दी गई थी, लेकिन वे 2023 में अपनी मौत तक दुबई में ही रहे. वहीं इमरान खान की कैबिनेट में कई मंत्री अमेरिका, यूके और कनाडा की नागरिकता रखते थे. सांसद हारून अख्तर और सादिया अब्बासी को तो विदेशी पासपोर्ट की वजह से अपनी सदस्यता तक गंवानी पड़ी थी.

 

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