<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को बना रही है विदेशी निवेश का हॉटस्पॉट

विदेश से बड़े निवेश के प्रयास में जुटी योगी सरकार

चीन+1 स्ट्रैटेजी के तहत 200 से ज्यादा कंपनियों से की जा रही बातचीत

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को बना रही है विदेशी निवेश का हॉटस्पॉट

भारतीय एंबेसीज और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर किया जा रहा प्रयास 

निवेशक हितैशी नीतियों के चलते विदेशी निवेशकों का भी यूपी पर बढ़ रहा भरोसा 

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। सरकार का फोकस विदेश से पूंजी लाना और राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए योगी सरकार चीन+1 स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है और अब तक करीब 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से बातचीत की जा चुकी है। चीन+1 लीड्स को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए राज्य सरकार इन देशों में भारत की एंबेसीज और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर प्रयास कर रही है। इसका नतीजा यह है कि निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश तेजी से एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।

यूपी को मिल रहा विदेशी निवेशकों का भरोसा
चीन+1 लीड्स के तहत जिन देशों पर सबसे ज्यादा फोकस है, उनमें अमेरिका, जापान, चीन, फ्रांस, डेनमार्क की कंपनियां शामिल हैं।  इनमें अमेरिका से 30 से ज्यादा, जर्मनी से 30 के करीब, जापान से 20, चीन से 14, स्विट्जरलैंड और फ्रांस से 7-7, डेनमार्क से 6 और स्पेन से 5 कंपनियां शामिल हैं। इन देशों की कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छुक हैं। उनकी इच्छा को धरातल पर उतारने के लिए यूपी सरकार विशेष टीम और कंट्री-स्पेसिफिक डेस्क बनाने पर भी विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार इन लीड्स को हर हाल में कम्फर्म निवेश में बदलने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए इन देशों में इंडियन एंबेसी की भी मदद ली जा रही है। 

पीएलआई स्कीम बनी निवेश की नई ताकत
निवेश प्रोत्साहन की पहल के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कई और भी इनीशिएटिव्स लिए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा अब तक 574 प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 70 कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं। इसके अलावा 11 कंपनियों के पास नए प्रोजेक्ट्स हैं। 20 कंपनियों ने सीधे यूपी सरकार के साथ एमओयू किया है। वहीं, 473 कंपनियों के साथ सरकार लगातार एक्टिव फॉलो-अप कर रही है।

निवेशकों के लिए बनाई गई सुविधा प्रणाली
विदेशी निवेशकों को बेहतर सुविधा देने के लिए यूपी सरकार ने एक अभिनव कदम उठाया है। 814 कंपनियों (फॉर्च्यून 500 और इंडिया नेक्स्ट 500 से जुड़ी) के लिए अकाउंट मैनेजर्स नियुक्त किए गए हैं। इन कंपनियों में शिपिंग, शिप बिल्डिंग, टेलीकॉम, रिटेल, पेट्रोकेमिकल्स, इंश्योरेंस और पब्लिक सेक्टर बैंक शामिल हैं। साथ ही गुजरात स्टेट पेट्रोनेट और टीएन न्यूजप्रिंट जैसी स्टेट पीएसयू कंपनियां भी इस मिशन में शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 50 नए एमओयू साइन किए जा चुके हैं, जबकि 16 नई लीड्स और 282 कंपनियों के साथ चर्चा अभी भी चल रही है।

इसलिए विदेशी कंपनियों के लिए यूपी में फायदेमंद है निवेश  
उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर विदेशी कंपनियों की रुचि कई वजहों से है। इसमें सबसे बड़ी वजह स्ट्रॉन्ग पॉलिटिकल लीडरशिप है, जिसके तहत सीएम योगी की स्थिर और निर्णायक नीतियां महत्वपूर्ण रही हैं। इसके अलावा, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर – एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलावा, सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य होने का लाभ भी मिलने की संभावना है। यही नहीं, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशक सुविधा केंद्र जैसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार भी अहम भूमिका निभा रहा है। 

क्या है चीन+1 स्ट्रैटेजी?
चीन+1 स्ट्रैटेजी एक ग्लोबल बिज़नेस स्ट्रैटेजी है, जिसे दुनिया भर की मल्टीनेशनल कंपनियां अपनाती हैं और अब प्रदेश सरकार भी इस पर आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य यह है कि कंपनियां अपना मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन सिर्फ चीन पर निर्भर न रखकर, एक या अधिक अतिरिक्त देशों में भी सेटअप करती हैं। उत्तर प्रदेश को इससे सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है, क्योंकि यहां बड़ी जनसंख्या और वर्कफोर्स उपलब्ध है। सस्ता और स्किल्ड लेबर है। विशाल घरेलू मार्केट है। इसी को देखते हुए सरकार पीएलआई स्कीम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रही है। स्ट्रैटेजी के तहत कंपनियों से बातचीत कर रही है, ताकि विदेशी निवेश सीधे प्रदेश में आकर लगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button