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उत्तर प्रदेश

अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर FIR, लेखपाल-नायब तहसीलदारों ने धरना दिया

लखनऊ 
सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर ही FIR लाद दी गई । सरकारी कर्मचारियों पर हुई एफआईआर के विरोध में नगर निगम मुख्यालय पर लेखपालों और नायब तहसीलदारों ने धरना दिया । मांग रखी गई है कि एफआईआर निरस्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने चेतावनी भी दी कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी, तब तक सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई भी नहीं करेंगे।

पूरा मामला 25 अगस्त को अर्जुनगंज क्षेत्र के मस्तेमऊ गांव में करीब डेढ़ करोड़ की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान बत्तमीजी करने पर नायब तहसीलदार ने किसान को धक्का मार दिया था। इस मामले में 28 अगस्त को नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार और लेखपाल सुभाष कौशल पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने से नगर निगम में तैनात लेखपाल और नायब तहसीलदार लामबंद हो गए और सोमवार दोपहर एक से शाम पांच बजे तक मुख्यालय पर धरना दिया। इसमें निगम संपत्ति विभाग के साथ-साथ चकबंदी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

नायब तहसीलदार रत्नेश ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमों के अनुसार हुई थी। फरवरी में कब्जेदार राममिलन को नोटिस जारी किया गया था। अप्रैल में भी कब्जा हटाने के लिए पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन विरोध और गाली-गलौज के कारण लौटना पड़ा। आखिरकार 25 अगस्त को पुलिस बल के साथ कार्रवाई करनी पड़ी।

धरने में रखी गईं यह प्रमुख मांगें

– डीसीपी दक्षिणी, एसीपी गोसाईंगंज और सुशांत गोल्फ सिटी के थानाध्यक्ष का ट्रांसफर किया जाए।
– अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर निगम टीम को पुलिस पूरी सुरक्षा दे।
– एफआईआर तत्काल निरस्त की जाए और उच्चस्तरीय जांच टीम गठित हो।
– कब्जा हटाते वक्त जब टीम से गाली-गलौज हुई तो पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी जांच हो।

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