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देश

बिहार में ग्रामीण सड़कों के निर्माण से कम हुई गांवों से शहरों की दूरी

–    नाबार्ड के सहयोग से राज्य की 2025 ग्रामीण सड़कों में 1859 पर फर्राटा भर रहे हैं छोटे बड़े वाहन
–    कुल 1235 ग्रामीण पुलों में 910 पुलों का भी निर्माण कार्य पूर्ण, ग्रामीण कार्य विभाग ने जारी की सड़कों के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट   

पटना,

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की मदद से बिहार में निर्मित ग्रामीण सड़कों और पुलों का संजाल बुनने का काम अब लगभग अपने अंतिम चरण में है। राज्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों के निर्माण से गांवों की तस्वीर तो बदली ही है, साथ ही राज्य के सुदूर गांवों से शहरों की दूरी लगातार कम गई है। साथ ही राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को यह सड़कें नई रफ़्तार दे रही हैं।

नाबार्ड के सहयोग से इस राज्य योजना के तहत विभिन्न जिलों में स्वीकृत सड़कों के निर्माण की ग्रामीण कार्य विभाग ने जिलावार प्रगति रिपोर्ट गुरुवार को जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य की कुल 2025 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की विभाग ने प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी। जिसमें 1859 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इन 2025 सड़कों की कुल लम्बाई 5254.490 किलोमीटर है, जिसमें 4822.474 सड़कों का निर्माण कर लिया गया है। इसी तरह, राज्य में ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ कुल 1235 पुलों के निर्माण का लक्ष्य भी नाबार्ड के सहयोग से निर्धारित किया गया था। जिसमें अबतक कुल 910 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 325 पुलों का निर्माण का कार्य जारी है और इसे अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।

नालंदा समेत इन जिलों का प्रदर्शन शानदार
ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नालंदा जिला सबसे आगे है। जहां कुल 214 सड़कों की स्वीकृति में से 199 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। नालंदा में 370 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि लक्ष्य 396.194 किलोमीटर सड़क के निर्माण का है। साथ ही, नालंदा में 67 पुल का निर्माण किया जाना था, जिसमें 59 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, गयाजी में कुल 129 सड़कों के निर्माण की मिली स्वीकृति के विरुद्ध 120 सड़कों का निर्माण हो चुका है। गयाजी में कुल 395.245 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अबतक 365.782 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि गयाजी में निर्माणाधीन 57 पुलों में 46 पुलों का निर्माण भी पूरा हो चुका है।

वहीं, राजधानी पटना जिला में कुल 167 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। जिनमें से 157 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। पटना में कुल 363.767 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है। जबकि इस लक्ष्य के विरुद्ध कुल 329.708 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है। पटना के ग्रामीण इलाकों में निर्माणाधीन कुल 54 पुलों में 46 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, औरंगाबाद में कुल 244.856 किलोमीटर, दरभंगा में 235.740 किमी, पूर्वी चंपारण में 230.772 किमी, मुंगेर में 202.814 किमी, रोहतास में 176.462 किमी, जहानाबाद में 169.606 किमी, सीतामढ़ी में 151.346 किमी, मुजफ्फरपुर में 139.682 किमी सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, जमुई, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, किशनगंज और नवादा में भी ग्रामीण सड़कों के निर्माण का काम लगभग पूर्ण हो चुका है।

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