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उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में अडानी समूह और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर ने भी उद्योग लगाने को ली जमीन

योगी सरकार में देश के दिग्गज निवेशकों को भाया गोरखपुर

गोरखपुर में अडानी समूह और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर ने भी उद्योग लगाने को ली जमीन

पेप्सिको का बॉटलिंग प्लांट पहले से उत्पादनरत, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी मांगी औद्योगिक जमीन

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 54 नई यूनिट्स के लिए गीडा ने किया 182 एकड़ भूमि का रिकार्ड आवंटन

गोरखपुर
 दशकों तक जिस गोरखपुर में स्थानीय पूंजीपति भी औद्योगिक निवेश करने से घबराते थे, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार की प्रोत्साहनपरक नीतियों, कारोबारी सुगमता और शानदार कनेक्टिविटी से अब वहां नामी कंपनियों के आने की होड़ सी दिखती है। निवेशकों की डिमांड के अनुरूप गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने न केवल लैंड बैंक समृद्ध किया है बल्कि साल दर साल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन भी तेज हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तो गीडा ने अब तक 54 नई यूनिट्स के लिए रिकार्ड 182 एकड़ भूमि का आवंटन किया है। इससे 5800 करोड़ रुपये के नए पूंजी निवेश के साथ 8500 लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 

लंबे दौर तक पहचान को जूझता रहा गोरखपुर अब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी के मामले में मजबूत होकर औद्योगिक नक्शे पर भी चमक गया है। जिस जिले से उद्यमियों ने मुंह फेर लिया था, वहां 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से औद्योगिक प्रगति का ऐसा माहौल बनना शुरू हुआ कि देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां, यहां तक कि मल्टीनेशनल भी इंडस्ट्री लगा रही हैं।

 औद्योगिक प्रगति के नए कालखंड में सिर्फ गत पांच साल की बात करें तो इस दौरान गीडा को 9445 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और इसके जरिये 22922 रोजगार सृजन संभव हुआ। इसमें मल्टीनेशनल ब्रांड पेप्सिको, केयान डिस्टिलरी, ज्ञान डेयरी, टेक्नोप्लास्ट और केंद्रीय भंडारण निगम, कपिला कृषि उद्योग, एपीएल अपोलो ट्यूब्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। 

गोरखपुर में अडानी समूह ने अंबुजा ब्रांड सीमेंट फैक्ट्री की नई यूनिट और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर अमृत बॉटलर्स ने भी यूनिट लगाने को जमीन ले ली है। यही नहीं, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी निवेश की उत्सुकता दिखाते हुए गीडा से औद्योगिक जमीन मांगी है। श्री सीमेंट्स की टीम पहले ही जमीन देखने के लिए दौरा कर चुकी है जबकि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधि मंगलवार को विजिट पर आए थे। अपने पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र के साथ गीडा ने गोरखपुर के दक्षिणांचल में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को भी औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना शुरू कर दिया है। गत दिनों यहां दो बड़े औद्योगिक निवेश के लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है।

गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर में निवेश और औद्योगिक विकास का शानदार इको सिस्टम तैयार हुआ है। गीडा द्वारा निवेशकों की मांग और पसंद के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसका नतीजा है कि यहां औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को आवंटित जमीन से प्रस्तावित निवेश
श्रेयश डिस्टिलरीज               2667 करोड़ रु.
अंबुजा सीमेंट (अडानी ग्रुप)    1400 करोड़ रु.
अमृत बॉटलर्स (कोका कोला)  800 करोड़ रु.
केयान डिस्टिलरीज               600 करोड़ रु.
विजन परेन्टल (फार्मास्युटिकल)100 करोड़ रु.
 

आगामी प्रस्तावित निवेश प्रस्ताव
रिलायंस सीपीएल      1000 करोड़ रु.
श्री सीमेंट्स                500 करोड़ रु.
लाइफकेयर्स हॉस्पिटल   500 करोड़ रु.
ईएसआईसी                150 करोड़ रु.
डीपीएस                       50 करोड़ रु.

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