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छत्तीसगड़

नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवंत संग्रहालय जल्द होगा तैयार

राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उदघाटन

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण

 संग्रहालय होगा आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक 

रायपुर

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय निर्माण का कार्य लगभग पूर्णतः की ओर है। अंतिम फिनिशिंग एवं रंग रोगन का कार्य चल रहा हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वंत्रंता संग्राम सेनानियों पर बन रहे इस जीवंत संग्रहलय का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के  मौके पर किया जाना प्रस्तावित है।

  प्रमुख सचिव बोरा ने इसकी तैयारी के लिए निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों की बैठक ली एवम आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के निर्माण कार्य में लगने वाली प्रत्येक सामग्री उच्च गुणवत्तायुक्त एवं सभी मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। साथ ही संग्रहालय के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई वित्तीय अनियमितता ना हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चैरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।

उल्लेखनीय है संग्रहालय निर्माण का कार्य आगामी माह के 30 सितंबर तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि संग्रहालय के फर्श पर भी ट्राईबल कलाकारों की आट्र्स को अंकित किए जाने के निर्देश दिए गए। म्यूजियम में अन्य मूर्तियों के साथ-साथ भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में डिजिटाइजेशन का कार्य तय समय पर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने  संग्रहालय में खुलने वाली सोवेनियर शॉप को गढ़ कलेवा अथवा ट्रायफेड या अन्य किसी प्रतिष्ठित संस्था को ट्राईबल उत्पाद के अनिवार्य रूप से विक्रय किए जाने की शर्त के साथ दिए जाने के निर्देश दिए।

 बैठक में आयुक्त डॉक्टर सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, कार्यपालन यंत्री त्रिदीप चकवर्ती सहित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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