<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

भोपाल में ‘मछली’ परिवार पर शिकंजा, 12 पटवारी करेंगे नप्‍ती, 99 एकड़ जमीन विवादित

भोपाल

 राजधानी भोपाल में 23 दिन में 7 प्रॉपर्टी जमींदोज करने व करीब 125 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार पर फिर से शिकंजा कंसने वाला है। भोपाल के अनंतपुरा कोकता बायपास क्षेत्र में ही पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन होगा। 27 अगस्त से जमीन की नप्ती का प्लान तैयार किया है। इसमें 2 राजस्व निरीक्षक और 12 से ज्यादा पटवारी जुटेंगे।

 खबर है कि 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार सहित 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। कार्यवाही से पहले प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे।  99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्यवाही को लेकर प्लान तैयार किया है। 27 अगस्त से सीमांकन की शुरुआत की जाएगी।

कार्रवाई से पहले सोमवार को प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार समेत 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं।

 गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया था। अधिकारियों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। वही सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए। 

23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई-
ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी।

12 से 13 रकबा में पूरी जमीन जानकारी के अनुसार, 99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्रवाई को लेकर प्लान तैयार किया है। बुधवार से सीमांकन की शुरुआत कर दी जाएगी। गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

ताले खुले मिले, थाना प्रभारी को लिखा लेटर इधर, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बिलखिरिया कलां थाना प्रभारी को एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया कि 30 जुलाई को कार्रवाई के दौरान तीन मंजिला बिल्डिंग को सील किया गया था। इस बिल्डिंग की ऊंचाई अधिक होने, पर्याप्त मशीन नहीं होने और महिलाओं के विरोध के चलते यह कार्रवाई की गई थी।

21 अगस्त को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान सील किए गए घर के ताले खोले गए थे। इसमें से एक ताला बदला पाया गया और एक ताला खुला मिला था। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका है। इसलिए सील किए गए तालों के खोले एवं बदले जाने से संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई… ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी।

घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन-
शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था। मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब व लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।

21 अगस्त को कोठी को तोड़ने की कार्रवाई की गई थी।

इन दोनों कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया। अफसरों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया और सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए।

बता दें कि कोकता बायपास पर मछली परिवार के नाम पर 26 एकड़ जमीन दर्ज है। इसमें 12 एकड़ पर कोर्टयार्ड प्राइम नामक कॉलोनी में 250 प्लॉट काटे गए, जबकि 14 एकड़ देवेंद्र लोधी (लोधी बिल्डर्स) को बेचकर कोर्टयार्ड कस्तूरी कॉलोनी बनाई गई है। दोनों कॉलोनियां टीएंडसीपी से अप्रूव हैं।

घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था।

मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button