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मध्यप्रदेश

छात्रों की सेहत से खिलवाड़: आदिवासी हॉस्टल की थाली में परोसा गया मरा हुआ मेंढक

शिवपुरी
आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के साथ किए जाने वाला अमानवीय व्यवहार समय-समय पर सामने आता रहता है। इसी क्रम में शनिवार को कोलारस के जगतपुर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास में रहने वाले छात्रों के भोजन में छात्रावास के रसोईए ने सब्जी के साथ मेंढक पका दिया। जब यह मेंढक एक छात्र को परोसी गई सब्जी में प्लेट में पहुंचा तो पूरा मामला उजागर हुआ। इससे पूर्व चावल में भी इल्ली निकलने की बात भी छात्रों द्वारा कही जा रही है।

छात्र लंबे समय से झेल रहे परेशानी
छात्रों का कहना है कि आज जो रोटियां उन्हें परोसी गईं, उन रोटियों का स्वाद बिलकुल कड़वा था। छात्रों के अनुसार वह पिछले कई दिनों से यह परेशानी झेल रहे हैं। जब वह मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात कहते हैं तो छात्रावास अधीक्षक उन्हें छात्रावास से निकाल देने की धमकी देते हैं। शनिवार को छात्रों ने स्वयं ही अपनी पीड़ा का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित कर दिया ताकि उनकी आवाज वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सके। छात्रों के अनुसार जब उन्होंने इस बात की शिकायत करने के लिए छात्रावास अधीक्षक नरेंद्र कुशवाह को फोन लगाया तो पहले तो उन्होंने फोन अटेंड ही नहीं किया, बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।

इस पूरे मामले में जब आदिम जाति कल्याण विभाग के राजेंद्र कुमार जाटव को फोन लगाया गया तो उन्होंने छात्रावास अधीक्षक को नोटिस जारी करने की बात कही। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जिस खाने का वीडियो बहुप्रसारित हुआ है, वह किस दिन बनाया गया था, क्योंकि छात्रावास के बच्चों से भी बात नहीं हो सकी।

पीने के पानी के लिए भी तरस रहे बच्चे
बच्चों की मानें तो हास्टल में उन्हें पीने के लिए अच्छा और स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई बार उन्हें टंकी का वह पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे कपड़े, बर्तन व अन्य सफाई की जाती है। ऐसे में बच्चों के बीमार होने की आशंका भी है, क्योंकि इस समय वैसे भी बीमारियों का मौसम चल रहा है।

हॉस्टल में बाहरी तत्वों का भी हस्तक्षेप
इस मामले में जब करैरा एसडीएम अनूप श्रीवास्तव से बात की गई तो उनका कहना था कि मैंने शिक्षा विभाग और राजस्व की एक टीम बनाकर हास्टल भेज दी है, वह हास्टल में जांच कर रही है। जो भी तथ्य आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक रूप से यह भी पता चला कि उक्त हास्टल में बाहरी तत्वों का भी काफी दखल है। आखिर बाहरी तत्व हास्टल के अंदर कैसे पहुंच रहे हैं, इसका भी पता लगाएंगे। इस वीडियो में कितनी सच्चाई है यह जांच के बाद ही पता लग सकेगा।

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