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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार के प्रयासों से देश-विदेश में खुल रहे रोजगार के अवसर

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक पहल कर रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाएं जिस दूरदर्शिता से रोजगार सृजन की बहुआयामी रणनीति अपनाई है। रोजगार को लेकर प्रदेश सरकार की नीति अब सिर्फ स्थानीय नौकरियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की शुरुआत की है। 

मिशन के मुख्य उदेश्यों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न रोजगार के अवसरों को पता लगाना, स्किलगैप का अध्ययन कर उसको दूर कराना, रोजगार कार्यक्रम संचालित करना, कॅरियर काउन्सिलिंग कराना तथा राज्य के रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों एवं अल्परोजगार युवाओं को पोस्ट प्लेसमेन्ट स्पोर्ट प्रदान करना है जिसमें घरेलू एवं विदेशी प्लेसमेन्ट के जरिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हो। विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से युवाओं को प्रोफेशनल रूप से तैयार किया जायेगा तथा बाजार मांग के अनुरूप ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे।

जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और यूएई में श्रमिकों की भारी मांग
इस अभियान को और विस्तार देते हुए प्रदेश सरकार ने जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से भी नर्सों, केयर गिवर्स, ड्राइवरों और निर्माण श्रमिकों की मांग प्राप्त की है। इसमें लगभग 1.50 लाख रूपये तक का वेतन मिलेगा, साथ ही खाड़ी देशों से भी विभिन्न सेक्टर की रिक्तियों की प्राप्ति सम्भावित है। श्रम विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है ताकि उत्तर प्रदेश के कुशल श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सम्मानजनक और बेहतर वेतनमान वाली नौकरियां मिल सकें। यह पहल युवाओं को विदेश जाने का सुरक्षित और कानूनी विकल्प उपलब्ध कराकर अवैध माध्यमों पर भी रोक लगाने में सहायक है।

10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली
रोजगार सृजन को लेकर प्रदेश सरकार की दूसरी बड़ी उपलब्धि रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना है। 1 अप्रैल 2017 से लेकर 30 अप्रैल 2025 तक सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित 10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली हैं। ये मेले राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं को मौके पर ही चयनित कर नौकरी दी। इससे न केवल युवाओं को अवसर मिले बल्कि कंपनियों को भी प्रशिक्षित और कुशल जनशक्ति उपलब्ध हुई।

इस मिशन के तहत अब तक 5,978 श्रमिकों को इज़राइल में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं, 1,383 और निर्माण श्रमिकों को भेजने की प्रक्रिया तेज़ी से प्रगति पर है। इस प्रयास से राज्य में न केवल विदेशी मुद्रा का आगमन बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इजराइल भेजे गए श्रमिकों से प्रदेश को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का रेमिटेन्स प्राप्त हो सकता है, जो ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

योगी सरकार का मानना है कि केवल नौकरी उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत सेवायोजन विभाग की ओर से अबतक 24,493 करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 26,51,727 युवाओं को करियर मार्गदर्शन मिला। इन कार्यक्रमों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है, जहां जानकारी की कमी के कारण प्रतिभाएं पीछे छूट जाती थीं।

सेवामित्र पोर्टल पर 52,349 श्रमिक पंजीकृत
स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने ‘सेवामित्र योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत कुशल कामगारों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर अब तक 52,349 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। ये श्रमिक प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, एसी मैकेनिक, ब्यूटीशियन आदि सेवाओं के लिए लोगों को घर बैठे उपलब्ध हो रहे हैं। यह योजना एक ओर जहां श्रमिकों की आय सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि श्रम और प्रतिभा का निर्यात करने वाला राज्य बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहल राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

 

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