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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में बच्चों की गुमशुदगी के चौंकाने वाले आंकड़े, धार जिला दूसरे नंबर पर

भोपाल 

मध्य प्रदेश में गुमशुदा बच्चों को लेकर एमपी विधानसभा से बड़ी जानकारी सामने आई है, जो हैरान करने वाली भी है. क्योंकि पिछले चार साल में मध्य प्रदेश से 55 हजार से ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के आंकड़े मिले हैं. यह जानकारी कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सचिन यादव के सवाल के जवाब में मिली है. सरकार की तरफ से यह माना गया है कि 2021 में 4 जुलाई से 2025 तक 59 हजार 365 बच्चे मध्य प्रदेश से गुमशुदा हुए हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है. यह आंकड़े हैरान करने वाले हैं, इनमें सबसे ज्यादा बच्चे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों से गायब हुए हैं. जबकि इसमें कई दूसरे बड़े जिले भी शामिल हैं. 

53 हजार को खोजा गया 

बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले चार साल में 48,274 लड़कियां और 11,091 लड़के गुमशुदा हुए हैं. जिससे यह आंकड़े चौंकाने वाले जरूर है. हालांकि सरकार की तरफ से यह जानकारी भी दी गई जो बच्चें गुमशुदा हुए थे, उनमें से 53 हजार बच्चों को पुलिस ने खोज निकाला है, जो कुल बच्चों का 90 फीसदी है. लेकिन 6035 बच्चों की तलाश अभी भी पुलिस को जारी है. 
इंदौर में तो वह हमारे पास बहुत अच्छे से रह रही थी। 8वीं के बाद उसने पढ़ाई नहीं की। मैं अपने बच्चे का एडमिशन कराने स्कूल गई थी। पिता काम पर गए थे। उसने कुछ बोला भी नहीं और चली गई। हमारी बेटी कहीं भी रहे, बस हमें ये पता चल जाए कि वह वहां ठीक है। अगर वह दूसरी जगह भी रहना चाहती है तो हमे कोई दिक्कत भी नहीं है।

दूसरी बार उसे कहा ढूंढें, कहां जाएं, किससे पूछें। सबसे बड़ी दिक्कत तो ये है कि ढूंढें तो ढूंढें कहां। मोबाइल नंबर भी नहीं है। हमारे सामने किसी से बात भी नहीं करती थी…।

प्रदेश में सबसे ज्यादा गुमशुदगी के मामले इंदौर से

प्रदेश का ये पहला मामला नहीं है जब कोई बच्ची अचानक ही घर से लापता हुई हो और वर्षों तो उसका कोई सुराग न मिले। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक सचिन यादव द्वारा पूछे गए सवाल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

विधायक यादव के सवालों पर मिले जवाब के मुताबिक मप्र में बीते साढे़ चार सालों में करीब 58 हजार से ज्यादा बच्चे गुम हुए हैं। इनमें 47 हजार बेटियां और 11 हजार बेटे गायब हुए हैं। बच्चों के गुम होने की जो जानकारी विधानसभा में दी गई है। उसमें ये सामने आया है कि सबसे ज्यादा बच्चे इंदौर से गायब हो रहे हैं।

इंदौर शहर के जिन थानों से बच्चे गायब हो रहे हैं उनमें, बाणगंगा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 449 बेटियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर लसूडिया से 250, चंदन नगर से 220, आजाद नगर से 178, द्वारका पुरी से 168 बेटियां गुम हुई हैं। बच्चियों के गुम होने के मामले में धार जिला दूसरे नंबर पर है।

सचिन यादव ने लगाया था सवाल 

मध्य प्रदेश में बच्चों के गुमशुदा होने से जुड़ा सवाल कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने लगाया था. उन्होंने कहा 'चार साल में 60 हजार से ज्यादा बच्चे मध्य प्रदेश में गुमशुदा हुए हैं, जिसमें 48 हजार के करीब बेटियां हैं. अकेले भोपाल में 2500 से 3000 के बीच यह आंकड़े हैं. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह चिंता का विषय हैं और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े करता है.  क्योंकि राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं. 

भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा मिसिंग 

बता दें कि भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा बच्चों के गायब होने की बात सामने आई है. भोपाल में 2,980 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 1,804 लड़कियां और 1,174 लड़के शामिल हैं. वहीं इंदौर की बात की जाए तो यहां चार साल में 4,574 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 3,560 लड़कियां और 1,014 लड़के शामिल हैं. जबकि दूसरे जिलों में भी यह आंकड़े बढ़े हैं. ऐसे में प्रदेश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है. 

बता दें कि कई गुमशुदा बच्चों की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैं. लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र में निकलकर आई यह जानकारी हैरान करने वाली जरूर है. बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच इस बार तीखी तकरार दिख रही है.  

जानिए इंदौर से लापता बच्ची के परिवार की हालत

लसूडिया थाना क्षेत्र के राहुल गांधी नगर में रहने वाले एक परिवार की 16 साल की बेटी घर से अचानक लापता हो गई। परिवार ने इंदौर के साथ ही जिस गांव में वे रहते थे, वहां भी उसकी तलाश की, लेकिन बेटी का पता नहीं चला।

हालत ये हो गई कि बेटी के गम में माता-पिता का खाना और काम पर जाना तक छूट गया था। उसे लापता हुए 1 महीना हो गए। मजबूरी में माता-पिता दोनों ही अपने-अपने काम पर जाने तो लगे, लेकिन उनकी आंखें हमेशा बेटी को तलाशती रहती हैं।

पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना किया लापता बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 16 साल है। उसके लापता होने का बाद उसे जहां-जहां संभव हो सकता था वहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रिश्तेदारों के यहां भी पूछ लिया। जब उसका कहीं पता नहीं चला तो मैं पुलिस की मदद लेने के लिए थाने गया।

अब जानिए किस जिले के किन 5 थाना क्षेत्रों से सबसे ज्यादा बेटियां गुम हुईं

ग्वालियर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 1857,लड़कियां-1268, लड़के-589) ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा ग्वालियर थाने से 106 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर डबरा से 90, मुरार से 88 जनकगंज से 86, बहोड़ापुर से 72 बच्चियां गुम हुई हैं।

शिवपुरी जिला: (गुम हुए कुल बच्चे- 960, बेटियां- 764 बेटे- 196) शिवपुरी जिले में पिछोर थाने से सबसे ज्यादा 88 बच्चियां गुम हुई हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र से 80, करेरा से 55, बैराड़ से 49 कोलारस और देहात थाना क्षेत्रों से 46- 46 बेटियां गुम हुई हैं।

गुना जिला; (कुल गुम हुए बच्चे: 795, बेटियां – 662, बेटे – 133) गुना जिले में सबसे ज्यादा 98 बच्चियां कैंट थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से 80 आरोन से 79, चाचौड़ा से 60, राघौगढ़ से 45 बेटियां गुम हुई हैं।

अशोक नगर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 571, बेटियां – 455, बेटे – 116) अशोकनगर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 74 बेटियां गुम हुई दूसरे नंबर पर देहात थाने से 70 चंदेरी से 53 बहादुरपुर से 52, मुंगावली से 41 बेटियां गायब हुई है।

मुरैना जिला; (कुल गुम हुए बच्चे- 667, बेटियां- 417, बेटे- 250) मुरैना जिले में सबसे ज्यादा 52 बेटियां जौरा थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से 47, अंबाह से 46 सबलगढ़ से 39 और सिविल लाइन से 37 बेटियां गायब हुई हैं।

भिंड जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 679, बेटियां-495, बेटे-184) भिंड जिले में सबसे ज्यादा 70 बेटियां देहात थाना क्षेत्र से गायब हुई दूसरे नंबर पर कोतवाली से 66 मेहगांव से 39 रोन से 32 और लहर थाना क्षेत्र से 27 बच्चियों गुम हुई है

श्योपुर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे 208, बेटियां- 157, बेटे- 51) श्योपुर जिले में सबसे ज्यादा कोतवाली थाना क्षेत्र से 36 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर बड़ौदा से 22, विजयपुर से 18, देहात से 16, कराहल और मानपुर थाना क्षेत्र से 14- 14 बच्चियां गुम हुई है।

दतिया जिला: (कुल गुम हुए बच्चे 359, बेटियां-284 बेटे- 75) दतिया जिले में सबसे ज्यादा 60 बेटियां कोतवाली थाने से गुम हुई है इंदरगढ़ से 26 भांडेर से 25 सिविल लाइन से 20 बड़ौनी से 16 उन्नाव से 15 बेटियां गायब हुई है।

खरगोन: कुल गुम हुए बच्चे- 1812, बेटियां- 1592, बेटे-220 खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 171 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर ऊन से 136, भीकनगांव से 134, बड़वाह से 110, सनावद से 97 बच्चियां गुम हुईं।

खंडवा: कुल गुम हुए बच्चे- 986, बेटियां- 884, बेटे-102 खंडवा जिले में खालवा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 146 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर पिपलोद से 92, हरसूद से 87, मूंदी से 74, मंधाता से 72 बच्चियां गुम हुई हैं।

बड़वानी: कुल गुम हुए बच्चे- 863, बेटियां- 816, बेटे-47 बड़वानी जिले में बड़वानी थाने से सबसे ज्यादा 160 बच्चियां गुम हुईं। दूसरे नंबर पर अंजड़ से 120, ठीकरी से 88, राजपुर से 80, सेंधवा ग्रामीण से 76 बच्चियां गुम हुई हैं।

बुरहानपुर: कुल गुम हुए बच्चे- 496, बेटियां- 385, बेटे-111 बुरहानपुर जिले में सबसे ज्यादा 93 बच्चियां शाहपुर थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर खकनार से 91, निम्बोला से 59, नेपानगर से 58, और लालबाग से 40 बच्चियां गायब हुई हैं।

उज्जैन: कुल गुम हुए बच्चे- 1324, बेटियां- 1079, बेटे-245 मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के बड़नगर थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 96 बच्चियां गुम हुई हैं। चिमगंज से 84, पंवासा से 68, खाचरौद से 63, माधवनगर से 60 बच्चियां गायब हुई हैं।

देवास: कुल गुम हुए बच्चे- 1200, बेटियां- 1057, बेटे-143 देवास जिले में बागली थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 118 बच्चियां गायब हुई हैं। औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र से 116, उदयनगर से 94, सिविल लाइन से 80, कन्नौद से 74 बच्चियां गायब हुई हैं।

शाजापुर: कुल गुम हुए बच्चे- 459, बेटियां- 371, बेटे-88 शाजापुर जिले के थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 54 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कालापीपल से 52, कोतवाली से 49, मो.बडोदिया, अ.बडोदिया और शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्रों से 32-32 बच्चियां गुम हुई हैं।

आगर मालवा: कुल गुम हुए बच्चे-206, बेटियां- 175, बेटे-31 आगर मालवा जिले में सबसे ज्यादा 47 बच्चियां आगर मालवा थाना क्षेत्र से गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर नलखेडा से 41, सुसनेर से 39, बडोद से 21 और सोयत कला से 17 बच्चियां गायब हुई हैं।

रतलाम: कुल गुम हुए बच्चे-1788, बेटियां- 1600, बेटे-188 रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 247 बच्चियां गायब हुई हैं। बिलपांक से 149, शिवगढ़ से 147, डीडी नगर से 144, सरवन से 134 बच्चियां गुम हुई हैं।

मंदसौर: कुल गुम हुए बच्चे-789, बेटियां- 653, बेटे-136 मंदसौर जिले में सबसे ज्यादा 72 बच्चियां कोतवाली थाना क्षेत्र से गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर वायडीनगर से 65, सीतामऊ से 62, गरोठ से 56, शामगढ़ से 48 बेटियां गायब हुई हैं।

नीमच: कुल गुम हुए बच्चे-438, बेटियां- 369, बेटे-69 नीमच जिले में सबसे ज्यादा 76 बच्चियां नीमच सिटी थाने से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर जावद से 64, मनासा से 45, बघाना से 33, जीरन से 32 और रतनगढ़ से 29 बेटियां गायब हुई हैं।

जबलपुर:कुल गुम हुए बच्चे-2685, बेटियां- 2048, बेटे-637 जबलपुर जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 147 बेटियां गायब हुई हैं। दूसरे नंबर रांझी से 137, कटंगी से 126, सिहोरा से 107, विजयनगर से 97 बेटियां गायब हुई हैं।

कटनी: कुल गुम हुए बच्चे-1192, बेटियां- 952, बेटे-240 कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 110 बेटियां गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर कुठला से 94, स्लीमनाबाद, बड़वारा से 82, ढीमरखेड़ा से 71 बेटियां गायब हुई हैं।

नरसिंहपुर: कुल गुम हुए बच्चे-990, बेटियां- 832, बेटे-158 नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 137 बच्चियां गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर गोटेगांव से 107, नरसिंहपुर से 96, स्टेशनगंज से 89 और करेली से 83 बच्चियां गुम हुई हैं।

छिंदवाड़ा: कुल गुम हुए बच्चे-1049, बेटियां- 933, बेटे-116 छिंदवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 100 बेटियां अमरवाड़ा थाने से गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर कुंडीपुरा से 82, कोतवाली से 60, दमुआ से 58, उमरेठ से 54 बच्चियां गुम हुई हैं।

पांढुर्णा: कुल गुम हुए बच्चे-138, बेटियां- 128, बेटे-10 पांढुर्णा जिले में सबसे ज्यादा 66 बच्चियां पांढुर्णा से गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर सौंसर से 34, मोहगांव और लोधीखेड़ा से 14-14 बच्चियां गायब हुई हैं।

सिवनी: कुल गुम हुए बच्चे-990, बेटियां- 858, बेटे-132 सिवनी जिले में सबसे ज्यादा 83 बच्चियां बरघाट थाने से गुम हुई हैं। इसके बाद सिवनी से 79 लखनादौन से 69, केवलारी से 66, कुरई से 65 बच्चियां गायब हुई हैं।

सागर: कुल गुम हुए बच्चे-2229, बेटियां- 1743, बेटे-486 सागर जिले में सबसे ज्यादा 192 बच्चियां मोती नगर थाना क्षेत्र से गायब हुई हैं। दूसरे नंबर पर मकरोनिया से 138, बंड़ा से 103, रहली से 97, राहतगढ़ से 92 बच्चियां गायब हुई हैं।

पन्ना: कुल गुम हुए बच्चे-841, बेटियां- 687, बेटे-154 पन्ना जिले में सबसे ज्यादा कोतवाली थाना क्षेत्र से 115 बच्चियां गुम हुई हैं। इसके बाद सिमरिया थाना क्षेत्र से 71, अमानगंज से 67, ब्रजपुर, पवई से 60-60 बच्चियां गायब हुई हैं।

दमोह: कुल गुम हुए बच्चे-813, बेटियां- 657, बेटे-156 दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र से 84, दमोह देहात से 81, कोतवाली से 72, नोहटा से 55, हटा से 48 बच्चियां गायब हुई हैं।

छतरपुर: कुल गुम हुए बच्चे-1325, बेटियां- 1044, बेटे-281 छतरपुर जिले में सिविल लाइन थाना क्षेत्र से 102 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से 76, नौगांव से 76, बमीठा से 75, बक्सवाहा से 54 बेटियां गायब हुई हैं।

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