<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

उज्जैन में आज महाकाल की पांचवीं सवारी, निकलेगी धार्मिक स्थलों की भव्य झांकियां

उज्जैन 

आज सोमवार 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर भगवान की पांचवीं सवारी निकलेगी। सवारी शाम 4:00 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी। भगवान महाकाल सवारी में भक्तों को पांच स्वरूप में दर्शन देंगे। कल निकलने वाली इस भव्य सवारी की तैयारी कर ली गई है। महाकाल की सवारी में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जैसे कि कल सोमवार को भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ सकते हैं।

सवारी निकलने से पहले मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे, जबकि हाथी पर श्री मनमहेश को भक्त निहार सकेंगे। इसके साथ ही, करोड़ रथ पर श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर श्री उमा महेश और ढोल रथ पर श्री होलकर स्टेट के मुखारविंद शामिल रहेंगे।

जानिए सवारी का मार्ग

वहीं, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। हर बार की तरह महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग से ही निकलेगी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी से होकर सवारी रामघाट तक पहुंचेगी। जैसे ही रामघाट पर सवारी पहुंचेगी, घाट पर नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। अभिषेक-पूजन के बाद सवारी रामानुज कोट मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, हाथी का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी।

यह रहेगा सवारी का मार्ग

महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पूजा अर्चना के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबारोड, टंकी चौरहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी।
जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल देंगे प्रस्तुति

सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए चार जनजातीय कलाकारों के दल सवारी में सहभागिता करेंगे। बैतूल से मिलाप इवने के नेतृत्व में गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से गणेश रजक के नेतृत्व कछियाई लोक नृत्य, दमोह से पंकज नामदेव नेतृत्व में बधाई लोक नृत्य एवं डिण्डोरी के सुखीराम मरावी के नेतृत्व में गेडी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

जनजातीय नृत्य भी होगा इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडौरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी।

सवारी के साथ मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर और देवीलोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिए श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनों का लाभ सकेंगे।

साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्त अखाड़ा क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण को देख सकेंगे। भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेंगे।

क्या कुछ रहेगा ख़ास?

भगवान महाकाल की पांचवीं सवारी बेहद खास होने वाली है। दरअसल, सवारी के साथ मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी देखने को मिलेंगी। इन झांकियों में मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, राजारामलोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर और देवी लोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की झांकियां शामिल रहेंगी। इसके साथ ही, सवारी में चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। इनमें बैतूल से गोंद जनजातीय तात्या नृत्य, खजुराहो से कछिया लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी से गेड़ी जनजाति नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button