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विदेश

अमेरिका पर बड़ा खतरा: भारत पर टैरिफ लगाने को लेकर ट्रंप के पूर्व सहयोगी का आक्रामक बयान

वॉशिंगटन
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व ट्रंप के पूर्व साथी जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ वॉशिंगटन के लिए सबसे बुरे नतीजे लेकर आएगा। इससे अमेरिका के लिए नई दिल्ली और दूर हो गया है और रूस व चीन से दूर करने के अमेरिका के दशकों के प्रयास नाकाम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का उलटा असर हुआ है, जिससे भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण हुए हैं, जबकि चीन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है, और अमेरिका का एक अहम लक्ष्य कमजोर हुआ है। बोल्टन ने रूसी तेल खरीदने के लिए नई दिल्ली पर लगाए गए भारी टैरिफ की ओर इशारा किया और ट्रंप पर भारत की बजाय चीन को तरजीह देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे एक संभावित 'बड़ी भूल' बताया।

ट्रंप ने अप्रैल में चीन के खिलाफ एक संक्षिप्त व्यापार युद्ध छेड़ा था, लेकिन तब से उन्होंने इसे और बढ़ाने से परहेज किया है, क्योंकि एक समझौता लंबित है। उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। 'सीएनएन' से बात करते हुए, बोल्टन ने कहा कि यह विडंबना ही है कि रूस को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया गया टैरिफ, भारत को रूस और चीन के और करीब ला सकता है, और शायद उन्हें अमेरिका के खिलाफ मिलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उन्होंने कहा, "चीन के प्रति ट्रंप की नरमी और भारत पर भारी टैरिफ, भारत को रूस और चीन से दूर करने के दशकों पुराने अमेरिकी प्रयासों को ख़तरे में डालते हैं।"

द हिल के लिए एक संपादकीय में, बोल्टन ने कहा कि बीजिंग के प्रति ट्रंप के नरम रुख को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ समझौते के लिए उत्सुकता में अमेरिकी रणनीतिक हितों की बलि चढ़ाने के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा लगता है कि व्हाइट हाउस टैरिफ दरों और अन्य मानकों पर बीजिंग के साथ नई दिल्ली की तुलना में ज्यादा नरमी बरतने की ओर अग्रसर है। अगर ऐसा है, तो यह एक बहुत बड़ी भूल होगी।" ट्रंप का अतिरिक्त टैरिफ अब तक भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए राजी करने में नाकाम रहा है। भारत ने साफ किया है कि राष्ट्रहित में जो फैसला होगा, वह हम लेते रहेंगे।

 

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