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छत्तीसगड़

आदिवासी बहुल गांवों के विकास में जनभागीदारी ज़रूरी: सीएम ने आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा में दिए निर्देश

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो।

बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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