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देश

अमेरिका ने पाकिस्तान को दिए 17,500 करोड़ के हथियार, भारत ने जताया कड़ा विरोध

नई दिल्ली 

 भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने एक पुरानी खबर को साझा कर अमेरिका को उसकी दशकों पुरानी नीति याद दिलाई है. सेना ने पांच अगस्त 1971 को प्रकाशित एक समाचार लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है. इसमें बताया गया था कि अमेरिका ने 1954 से 1971 तक पाकिस्तान को दो अरब डॉलर (लगभग 17,500 करोड़ रुपये) के हथियार भेजे थे. इस पोस्ट को ‘This Day That Year’ कैप्शन के साथ शेयर किया गया, जिसमें हैशटैग #KnowFacts का इस्तेमाल किया गया. यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ भारत-रूस संबंधों पर डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बीच आया है. यह लेख 1971 के उस समय का है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था. उस साल दिसंबर में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ.

भारतीय सेना की इस पोस्ट को मौजूदा हालात में अमेरिका की नीतियों पर एक तीखा कटाक्ष माना जा रहा है. 1971 में अमेरिका ने पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति जारी रखी थी, भले ही उसने भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए हथियारों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी. इस दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान को टैंक, जेट विमान और अन्य सैन्य उपकरण दिए. ये हथियार बाद में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान इस्तेमाल हुए. भारतीय सेना की इस पोस्ट का समय महत्वपूर्ण है. हाल ही में अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा है.
भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-रूस संबंधों पर टिप्पणी करते हुए भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. इसके जवाब में भारत ने साफ किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता देता है. भारतीय सेना की यह पोस्ट न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि भारत अमेरिका की दोहरी नीति को भूला नहीं है. 1971 के युद्ध में अमेरिका ने पाकिस्तान का समर्थन किया था और अपने विमानवाहक पोत USS एंटरप्राइज को हिंद महासागर में तैनात किया था, जिसे भारत के खिलाफ एक चेतावनी माना गया. इस दौरान भारत ने सोवियत संघ के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत किया, जिसने युद्ध में भारत को कूटनीतिक और सैन्य सहायता प्रदान की.

भारतीय सेना की यह पोस्ट उस समय की याद दिलाती है, जब अमेरिका की नीतियों ने भारत के लिए चुनौतियां खड़ी की थीं. वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ा है, लेकिन पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति का मुद्दा समय-समय पर विवाद का कारण बनता रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पोस्ट भारत का एक रणनीतिक संदेश है, जिसमें वह अमेरिका को उसकी पुरानी नीतियों के प्रति आगाह कर रहा है. यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में नई तल्खी ला सकता है, खासकर तब जब भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है.

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