<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

डायरिया रोकथाम को लेकर प्रदेश में दस्तक अभियान तेज, 16 सितंबर तक जारी रहेगा

भोपाल

प्रदेश में डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान' थीम पर आधारित स्टॉप डायरिया केम्पेन सह दस्तक अभियान 22 जुलाई से शुरू हो गया है और अभियान 16 सितम्बर 2025 तक चलेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगरीय निकायों में की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में निर्देश जारी किए है।

नगरीय निकायों को निर्देश दिए गये हैं कि विशेष सफाई अभियान में खुले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में कचरे को फेंकने से रोकने, नालियों में रूके हुए पानी एवं गाद को साफ करने का काम प्राथमिकता से किया जाए। नगर की कम आय वर्ग और झुग्गी बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान का संचालन किया जाए। इसी के साथ नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण, परिवहन और उसका प्रसंस्करण नियमित किया जाए। अतिवृष्टि की स्थिति में भी उक्त सेवाओं का सुचारू संचालन किया जाएं।

शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं रखरखाव किया जाए। निकाय क्षेत्र में झुग्गी बस्तियों, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, व्यवसायिक एवं आवासीय क्षेत्रों में स्थित सभी सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई की जाएं। नगरीय निकायों में इस अवधि में वर्षा जल संचयन और उससे जुड़ी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए। नगरीय निकायों के आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, छात्रावासों में शुद्ध पेयजल के साथ स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इन जगहों पर पेय जल की आपूर्ति एवं रख-रखाव की योजना तैयार की जाए।

नगरीय निकायों में जल भराव एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर डायरिया के प्रकोप, अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिये आवश्यक उपाय किये जाएं। नगरीय निकायों में सफाई मित्रों की सुरक्षा के लिये पीपीई किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button