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मध्यप्रदेश

मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने 35 निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण

भोपाल

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिये लोक निर्माण विभाग ने माह दो बार विभाग के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में 23 जुलाई को नर्मदापुरम, सिवनी, ग्वालियर, खरगोन, सीधी, उज्जैन और सागर जिलों में मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 35 कार्यों को रैंडम आधार पर चयनित कर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (भवन), 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के सम्मिलित थे।

निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। इस बैठक में तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा, प्रमुख अभियंता केपीएस राणा, पी.सी. वर्मा, आनंद प्रकाश राणे, बीपी बौरासी सहित समस्त संबंधित अधिकारी एवं निरीक्षणकर्ता उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान प्राप्त प्रतिवेदन में कई कार्यों में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। सिवनी जिले में चिरचिरा से कोठीघाट तक 6.28 कि.मी. मार्ग निर्माण कार्य मापदण्डानुसार नहीं पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जैन इन्फ्रास्ट्रक्चर को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने और उपयंत्री गौरव डेहरिया के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। सीधी जिले में थोंगा-मैट टोला से जमुआ मार्ग निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता दोष पाए गए, जिसके चलते ठेकेदार मेसर्स ओराट्रिक्स इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती स्तुति गौतम, उपयंत्री प्रभात श्रीवास्तव तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये गये।

ग्वालियर जिले में मसूदपुर से एटमा वाया दौलतपुर मार्ग का निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स पीताम्बरा आईडियल कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने के निर्देश दिये गये। सीधी जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम का बेहरी से हनुमना मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जी.व्ही.आर. टोलवेज़ प्रा.लि. के विरुद्ध कार्यवाही करने और सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये। सागर जिले में पाली-पीरघाट-खिमलासा-कंजिया मार्ग की गुणवत्ता में भी कमी पाई गई, जिस पर ठेकेदार केसीसी बिल्डकोन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये।

खरगोन जिले में एमएस बोरवाल नवीन हाईस्कूल शाला भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता में दोष पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स स्नेहा कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं उपयंत्री विजेन्द्र भंवर और अनुविभागीय अधिकारी पवन डाबर को कारण बताओ नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। इसके अलावा अन्य 20 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए।

खरगोन जिले में लिक्खी-देहारी मार्ग का कार्य अच्छा पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री विजय पवार, अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक जमरा, उपयंत्री जितेन्द्र अरसे और ठेकेदार मेसर्स रामनारायण चौधरी की प्रशंसा की गई।

बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी अभियंताओं को वर्षा ऋतु में मार्गों पर जलभराव रोकने के लिये स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने एवं आवश्यकता पड़ने पर यातायात रोकने जैसे आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।

 

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