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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में 159 करोड़ की लागत से बनाए जाएंगे विधायकों के लिए आधुनिक विश्रामगृह, 3 स्टार होटल की होंगे फ्लैट्स

भोपाल
 राजधानी में विधायकों के लिए नए फ्लैट बनने जा रहे हैं। इसके लिए भूमिपूजन भी हो चुका है। 159 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे, जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। यह फैसला विधायकों की शिकायत पर लिया गया है, क्योंकि 67 साल पहले बने विश्रामगृह में बारिश का पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या आ रही थी।

ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट
नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे।

67 साल पहले बना था विश्रामगृह
1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था।

सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन
सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वि
धानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे।

‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’

भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे.

विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है।

तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे।

उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए।

विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी।

उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा

18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह

PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज सब एकत्रित हैं। इसकी बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। मप्र उन राज्यों में जाना जाता है जहां पिछले कुछ सालों में सकारात्मक बदलाव हुआ है। स्वच्छता मध्य प्रदेश में जन आंदोलन बना। अब ये गति और तेज हो रही है। इस बार जब अहमदाबाद पहले नंबर पर आया, तब भोपाल दूसरे स्थान पर और जबलपुर पांचवें स्थान पर आया है।

शॉपिंग कॉम्पलेक्स टूटेगा नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं।

यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।

14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे

नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। कुल निर्मित क्षेत्र 36943 वर्ग मीटर (397654.50 वर्ग फीट) रहेगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।

पेड़ नहीं हटेंगे

100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।

नए फ्लैट्स में क्या होगी खासियत
इस खंड में अभी 19 विधायकों को रूम अलॉट हैं, जो खाली होंगे। पुराना पारिवारिक खंड अभी पूरा आवंटित है। जिन खंडों को तोड़कर काम शुरू होगा। नए आवास ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर होंगे। सौर ऊर्जा पैनल होंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। 14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे। नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है।

100 साल पुराने पेड़ों का क्या होगा

पेड़ नहीं हटेंगे … 100 साल पुराने बरगद और पीपल के पेड़ ब्लॉक ए और बी के सामने सुरक्षित रहेंगे। परिसर में बच्चों का पार्क, पुलिस कंट्रोल रूम, फॉर्मल गार्डन, जनरल पार्किंग और इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन भी होंगे।

नए आवासों में यह सुविधाएं रहेंगी

प्रत्येक आवास स्वतंत्र हैं। इनमें प्राकृतिक वायु एवं प्रकाश और निजता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक सर्वसुविधायुक्त आवास में विधायकों के लिए कार्यालय, निजी स्टाफ, पीएसओ कक्ष एवं तीन बेडरूम का फर्नीचर सहित प्रावधान है। जिम एवं योग केंद्र एवं 80 व्यक्तियों के लिए आगंतुक कक्ष का प्रावधान है। 102 वाहनों की कवर्ड पार्किंग एवं 148 वाहनों की खुले में पार्किंग की व्यवस्था है। परियोजना में सोलर ऊर्जा प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, सिक्योरिटी, एसी, कार्गो लिफ्ट एवं पावर बैकअप का प्रावधान है। 3 स्टार रेटिंग के बराबर की सुविधाएं रहेंगी। व्यवस्था। दिव्यांगजनों के लिए रेंप और निर्माण क्षेत्र में आने वाले वृक्षों को अन्य स्थान पर स्थानान्तरित करने का प्रावधान है।

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