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राजनीति

क्या AAP का ‘बाय-बाय’ विपक्ष के लिए चेतावनी है? INDIA गठबंधन पर मंडराता संकट

नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इंडिया गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है, जिससे विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लगा है। यह घोषणा ठीक उस वक्त हुई जब गठबंधन के घटक दल 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के लिए अपनी संयुक्त रणनीति तय करने के लिए वर्चुअल बैठक करने वाले थे। क्या AAP का यह 'बाय-बाय' विपक्ष की एकता को झटका देगा। आइए समझते हैं।

'गठबंधन एकजुट, लेकिन AAP की राह अलग'
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने पुष्टि की है कि इंडिया गठबंधन की वर्चुअल बैठक में AAP को छोड़कर सभी दल शामिल होंगे। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'शनिवार को कई कार्यक्रमों के कारण लोग दिल्ली नहीं आ पाएंगे, इसलिए हम संसद सत्र से पहले ऑनलाइन बैठक करेंगे। इसके बाद दिल्ली में मुलाकात होगी।' उन्होंने दावा किया कि गठबंधन एकजुट है, लेकिन AAP के इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

TMC का साथ, बिहार और पहलगाम पर फोकस
तृणमूल कांग्रेस (TMC), जिसके कांग्रेस के साथ पहले कुछ तनातनी रही है, ने कहा कि उनके राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष संशोधन, पहलगाम हमले पर चर्चा की मांग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान शांति समझौते के दावों जैसे मुद्दों पर मंथन होगा।

'AAP और कांग्रेस के बीच पहले से तनाव'
CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने कहा, 'दिल्ली चुनावों के दौरान कांग्रेस और AAP के बीच तनाव शुरू हो गया था। CPI(M) का मानना है कि इंडिया गठबंधन को मजबूत और विस्तारित करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि दोनों दल अपने मतभेद सुलझा लेंगे।' लेकिन AAP का यह कदम 2024 में नीतीश कुमार के गठबंधन छोड़ने के बाद सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

बिहार में AAP का दांव
AAP ने ऐलान किया है कि वह बिहार विधानसभा चुनावों में अकेले उतरेगी। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, 'AAP का बाहर निकलना गठबंधन के लिए दो तरह से नुकसानदायक है। पहला, संसद, खासकर राज्यसभा में गठबंधन कमजोर होगा। दूसरा, AAP आगामी चुनावों में गैर-बीजेपी दलों की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए उम्मीदवार उतार सकती है।'

2026 के चुनावों पर नजर
केरल, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में 2026 में चुनाव होने हैं। हालांकि दक्षिण भारत में AAP का प्रभाव कम है, लेकिन एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि असम और उन राज्यों में जहां कांग्रेस का बीजेपी से सीधा मुकाबला है, AAP उम्मीदवार उतार सकती है।

'AAP का जाना गठबंधन के लिए फायदेमंद'
पंजाब के विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, "AAP का बाहर जाना इंडिया गठबंधन को मजबूत करेगा, क्योंकि इससे अस्पष्टता खत्म होगी।" क्या AAP का यह फैसला गठबंधन की एकता को और कमजोर करेगा, या यह गैर-बीजेपी दलों के लिए नई रणनीति बनाने का मौका देगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

 

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