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मध्यप्रदेश

मंडला कलेक्टर और मंत्री ने धान रोपाई कर जीता दिल, खेत में उतरकर किया काम

मंडला
 मध्य प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके और कलेक्टर सोमेश मिश्रा का अलग अंदाज को देखने मिला. मंत्री और कलेक्टर नैनपुर प्रवास के बाद चिराईडोंगरी पहुंचे. यहां पर शासकीय कृषि प्रक्षेत्र चिरईडोंगरी में खेतिहर मजदूरों द्वारा धान के रोपे लगाए जा रहे थे. कृषकों को देखकर मंत्री संपतिया उइके और कलेक्टर सोमेश मिश्रा उनके बीच जाकर धान की रोपाई करने लगे.

वहीं, किसान महिलाओं ने मंत्री और कलेक्टर को अपने बीच पाकर उत्साह से पाटा गीत गाया. इस अवसर पर मंत्री उइके ने कहा कि, ''इस प्रदेश का हर एक किसान अपनी मिट्टी, खेत और फसल से अत्यधिक लगाव रखता है.'' उन्होंने प्रार्थना की कि, ''हम सभी किसानों की फसलें खूब लहलहाएं धन धान्य से परिपूर्ण रहें. कृषि हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है.''

खेती की तकनीकी में आया बदलाव
कैबिनेट मंत्री ने कहा, ''हम चाहे किसी भी पद पर क्यों ना पहुंच जायें, अपने इस मूल काम को कभी नहीं छोड़ना चाहिए. यह सीख हमें आने वाली पीढ़ियों को देने की जरूरत है. समय के साथ खेती की तकनीकी में भी बदलाव आया है. पहले हम पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई करते थे. अब इसका स्थान पैडी ट्रांसप्लांटर ने ले लिया है. यह खेती का आसान और किफायती तरीका है. किसान भाइयों को अपनी खेती में इनका इस्तेमाल करना चाहिए.'' इसी दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पैडी ट्रान्सप्लांटर मशीन चलाकर धान की रोपाई की. मंत्री और कलेक्टर की इस अभिनव पहल की चारों तरफ तारीफ हो रही है.

कुम्भार सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन
मंत्री संपतिया उइके ने गुरुवार को नैनपुर के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत आयोजित कुम्भार सशक्तिकरण जागरूकता शिविर में सहभागिता की. यह योजना पारंपरिक कुम्भार शिल्प को संरक्षित करने तथा इससे जुड़े कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है. मंत्री ने कुम्हारों की मिट्टी की कला के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 270 व्यक्तियों को दिए प्रमाण पत्र दिए. शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों, तकनीकों एवं डिज़ाइन नवाचारों की जानकारी दी गई, इससे वे अपनी उत्पादन क्षमता और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकेंगे.

आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा प्रशिक्षण
मंत्री ने कहा, ''यह प्रशिक्षण न केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा. साथ ही युवाओं को ग्रामोद्योग के माध्यम से स्वावलंबन की प्रेरणा भी मिलेगी.'' कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, महाविद्यालय स्टाफ तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कुम्भार भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

स्कूल में किया पौधरोपण
वहीं कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने नैनपुर के रेलवे स्कूल प्रांगण में एक साथ 2 हजार पौधे रोपे. शिविर के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर मंत्री संपतिया उइके तथा कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सम्मानित किया. कृषि विभाग की ओर से प्रकाशित की गई लघु धान्य पौष्टिक व्यंजन पत्रिका का विमोचन भी किया गया. मंत्री संपतिया उइके नैनपुर में आयोजित जन शिकायत निवारण शिविर में भी शामिल हुईं. इस दौरान उनके साथ नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नैनपुर कृष्णा पंजवानी, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, श्रेयांश कूमट मौजूद रहे. सभी ने लोगों की समस्या सुनीं. 

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