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मध्यप्रदेश

अंचल के छात्रों के लिए खुशखबरी: परिषद ने दी मान्यता, जीवाजी विश्वविद्यालय में पैरामेडिकल में प्रवेश शुरू

ग्वालियर
जीवाजी विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंसेज के अंतर्गत संचालित पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद, भोपाल द्वारा सत्र 2024-25 के लिए मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह मान्यता 15 जुलाई को जारी की गई। साथ ही परिषद द्वारा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है।

इंस्टीट्यूट के समन्वयक प्रो नवनीत गरुड़ ने बताया कि छात्रों की रुचि और मांग को देखते हुए पिछले वर्ष सीटों में वृद्धि भी की गई थी। वर्तमान में संस्थान में तीन प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं- बीपीटी (बैचलर आफ फिजियोथेरेपी) साढे चार वर्ष, बीएमएलटी (बैचलर आफ मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) तीन वर्ष तथा डीएमएलटी (डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) दो वर्ष।

विश्वविद्यालय के इन कोर्सेस की विशेषता यह है कि यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं तथा परीक्षाएं समय पर सम्पन्न कराई जाती हैं। इसके साथ ही छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से उन्हें जिला अस्पताल ग्वालियर में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मान्यता मिलने के बाद इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे अंचल के छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर करियर विकल्प भी प्राप्त होंगे। 

संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए तिथि बढ़ी
    राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में सत्र 2025- 26 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई थी।
इस तिथि में बदलाव कर अब इस बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है।
इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से सूचना जारी की गई है।

ये होंगी तय सीटें
    कुलसचिव अरुण सिंह चौहान ने बताया कि सभी शासकीय और अशासकीय संगीत एवं कला महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में स्नातक स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 40 सीट और स्नातकोत्तर स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
    महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अतिरिक्त सीट का प्रविधान रहेगा।
    इसके अलावा लोक संगीत, लोक वाद्य, लोक नृत्य, लोक नाट्य एवं लोक कलाओं पर आधारित विशेष तिमाही स्ववित्तीय शार्ट टर्म कोर्सेस में भी एडमिशन लिया जा सकता है।

यह होगी पूरी प्रकिया
सबसे पहले छात्रों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन फार्म को विश्वविद्यालय अध्ययनशाला अथवा संबंधित महाविद्यालयों में जमा कराना होगा। संबंधित कोर्स संबंधी आवश्यक योग्यताएं पूर्ण होने पर ही अभ्यर्थियों का प्रवेश दिया जाएगा।

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