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मध्यप्रदेश

MP में तीन साल बाद पैरामेडिकल कॉलेजों को मिलेगी मान्यता, पर नए कॉलेज खुलने पर कुछ तय नहीं

भोपाल
 मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को तीन वर्ष बाद मान्यता मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 के सत्र के लिए 166 कॉलेजों को मान्यता के लिए चिह्नित किया है, इनमें 22 सरकारी हैं। मान्यता के लिए 32 नए कॉलेजों की तरफ से भी आवेदन आए थे, जिनमें 15 निरीक्षण में उपयुक्त पाए गए हैं, पर अभी यह असमंजस है कि नए कॉलेज खुलेंगे या नहीं।

कारण, केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि जब तक हमारी काउंसिल नहीं बन जाती नए कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाए। इस पर बीच का रास्ता निकालकर नए कॉलेजों की मान्यता के संबंध इसी सप्ताह शासन स्तर पर निर्णय होना है। इसके अतिरिक्त 2024-25 के सत्र की मान्यता भी एक माह के भीतर जारी हो जाएगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बता दें, केंद्र सरकार द्वारा हेल्थ केयर एलाइड साइंस कमीशन के गठन में देरी के चलते मान्यता उलझी हुई थी।

कुछ राज्यों में पैरामेडिकल काउंसिल थी और कुछ में नहीं। सभी जगह पाठ्यक्रम भी अलग-अलग चल रहे थे। इसमें एकरूपता लाने के लिए केंद्र ने नेशनल कमीशन फार एलाइड साइंस एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल (एनसीएचपी) बनाया है। इसके बाद राज्यों की काउंसिल और चयन, भर्ती, यूजी और पीजी के लिए चार अलग-अलग बोर्ड बनने थे।

कमीशन बनने के बाद राज्यों ने अपनी काउंसिल भंग कर दी, पर केंद्र के रेगुलेशन अभी तक तैयार नहीं हो पाए, इस कारण प्रदेश में शिक्षा सत्र 2023-24 और सत्र 2024-25 की मान्यता नहीं दी गई। मार्च में कैबिनेट ने प्रदेश की पैरामेडिकल काउंसिल को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। अब नवंबर से 2025-26 का सत्र भी प्रारंभ होना है। इस तरह इस वर्ष तीन सत्रों के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जानी है।

केंद्र के रेगुलेशन पर नई काउंसिल बनने के बाद यह होगा लाभ

पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रदेश स्तर पर बोर्ड होगा। एक राज्य से डिग्री या डिप्लोमा करने वालों का दूसरे राज्यों में भी पंजीयन हो सकेगा। सभी राज्यों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता आ जाएगी।

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