<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
खेल-जगत

विंबलडन 2025: कोर्ट पर गिरे नोवाक जोकोविच, कहा- मेरा शरीर अब पहले जैसा नहीं रहा

लंदन
विंबलडन-2025 के क्वार्टर फाइनल में नोवाक जोकोविच ने फ्लावियो कोबोली के खिलाफ मुकाबले को अपने नाम किया। जीत हासिल करने से ठीक पहले जोकोविच कोर्ट पर गिर पड़े, जिसने वहां मौजूद फैंस को चिंतित कर दिया। 24 बार के मेजर चैंपियन नोवाक जोकोविच कुछ देर बाद अपने पैरों पर वापस उठे और 6-7(6), 6-2, 7-5, 6-4 से जीत हासिल करते हुए अगले दौर में जगह बनाई।

जीत के बाद नोवाक जोकोविच ने पत्रकारों से कहा, “यह बहुत अजीब था। घास पर ऐसा होता है। मेरे करियर में ग्रास-कोर्ट पर ऐसा कई बार हुआ है। स्पष्ट है कि मेरा शरीर अब पहले जैसा नहीं रहा, इसलिए चोट का असर मुझे अगले दिन महसूस होगा। तो देखते हैं। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि अगले 24 से 48 घंटे में जो कुछ भी हुआ है, वह ज्यादा गंभीर न हो, ताकि मैं दो दिनों में बिना दर्द के अपना सर्वश्रेष्ठ खेल सकूं।”

अपनी 102वीं विंबलडन जीत के साथ, जोकोविच के इस सीजन का रिकॉर्ड 26-8 हो गया है। वह 25वें मेजर खिताब से दो कदम दूर हैं। अगर 38 वर्षीय जोकोविच इस खिताब को जीत लेते हैं, तो वह ग्रास कोर्ट मेजर में रोजर फेडरर के आठ खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। अगर जोकोविच खिताब जीत लेते हैं, तो टूर्नामेंट के ओपन एरा इतिहास में सबसे उम्रदराज चैंपियन भी बन जाएंगे। इसी के साथ वह रोजर फेडरर के साल 2017 में बनाए गए रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे, जिन्होंने 35 साल की उम्र में खिताब जीता था।

जोकोविच ने कहा, “मैं 38 वर्षीय खिलाड़ी के रूप में इस बात से बहुत संतुष्ट हूं कि मैं अभी जिस तरह से चल-फिर रहा हूं और खेल रहा हूं, यह मुझे बहुत पसंद है। मेरी टीम में लगभग 10 लोग हैं, जो मेरे ऑन-कोर्ट और ऑफ-कोर्ट करियर, तैयारी और रिकवरी के हर पहलू पर रोजाना काम करते हैं।” उन्होंने कहा, “कभी-कभी मैं इन रोजमर्रा के कामों से थक जाता हूं, लेकिन प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए मुझे करना पड़ता है। कोर्ट से बाहर, जिम में या फिर ट्रीटमेंट टेबल पर कई-कई घंटे बिताने पड़ते हैं, बस इस कोशिश में कि जो कुछ भी मेरे पास है, उसके साथ मैं सर्वश्रेष्ठ दे सकूं।”

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button