<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

भोपाल सेंट्रल जेल में16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा, इसी से पेशी भी होगी

भोपाल

भोपाल सेंट्रल जेल जल्द ही पहले से अधिक हाईटेक होने जा रहा है। अब तक यहां केवल 11 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम होते थे। जिसके माध्यम से आतंकियों और हाईप्रोफाइल कैदियों की ही पेशी करा पाना जेल प्रशासन के लिए संभव होता था।

जल्द यहां 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मुख्यालय से बजट पास कर दिया गया है। इसका उद्देश्य कैदियों को अदालत में पेशी के लिए जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता को कम करना है, और सुरक्षा, दक्षता में सुधार करना है।

मुलाकात प्रक्रिया आसान होगी

जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यह कदम कैदियों को उनके परिवार से जोड़े रखने और उन्हें सामाजिक रूप से जुड़े रहने में मदद करेगा। साथ ही, इससे जेलों में मुलाकातों की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी, जिससे कैदियों और उनके परिजनों दोनों को सुविधा होगी। वीसी रूम के माध्यम से, कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की आवश्यकता कम होती है।

सुरक्षा जोखिम कम होता है

वीसी से पेशी कराने पर सुरक्षा जोखिम कम होता है। वीसी के माध्यम से, कैदी अपने परिवार और दोस्तों से आसानी से मिल सकते हैं, जिससे उनके मानसिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वीसी अदालती कार्यवाही और अन्य जेल गतिविधियों को अधिक कुशल बना सकता है। वीसी के उपयोग से यात्रा और सुरक्षा लागतों को कम किया जाने में भी फायदा मिलेगा।

हाल ही में हाई सिक्योरिटी सेल का भी निर्माण हुआ है

हाल ही में जेल में 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल का निर्माण कराया गया है। जिसके लिए 1.20 करोड़ का बजट पारित हुआ था। करीब दो साल में यह हाई सिक्योरिटी सेल बनकर तैयार हुई हैं। जल्द ही इनमें कुख्यात आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा।

हाई सिक्योरिटी सेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद

जेल में हाई सिक्योरिटी सेल की क्षमता 58 हैं। वर्तमान में 69 आतंकियों को यहां रखा गया है। जल्द नई हाई सिक्योरिटी सेल में भी आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button