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उत्तर प्रदेश

आवारा कुत्तों का आतंक: अमेठी में हर दिन सैकड़ों पर हमले, प्रशासन बेबस

अमेठी
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भीषण गर्मी के बीच आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। शहर की गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक कुत्तों के झुंड राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। जनवरी से जून माह के बीच 18 हजार से ज्यादा ‘डॉग बाइट’ के मामले काफी डराने वाले हैं। लोग प्रशासनिक व्यवस्था से भी नाखुश हैं। जिला अस्पताल में हर दिन 8 से 10 लोग कुत्तों के काटने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ इन कुत्तों का व्यवहार और आक्रामक हो रहा है, जिससे लोगों में दहशत है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि 1 जनवरी से 30 जून तक जिले में 18,907 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं। इस दौरान अस्पताल में 18,907 एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। उन्होंने कहा कि कुत्ते के काटने पर समय रहते इंजेक्शन लगवाने से रेबीज से बचाव संभव है। जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय निवासी सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर हर दिन इनके निशाने पर हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि न तो गांवों में और न ही शहर में कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था है।

स्थानीय लोग थोड़े नाराज भी हैं। आरोप है कि बड़े शहरों में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए पशु नियंत्रण टीमें और स्टेरलाइजेशन कार्यक्रम हैं, लेकिन अमेठी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दिखती।

वहीं, लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि कुत्तों को पकड़ने और उनके टीकाकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यह समस्या केवल अमेठी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई छोटे शहरों और कस्बों में भी ऐसी स्थिति है।

 

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