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देश

पीएम मोदी का SF से चीन को जवाब, घाना में रेयर अर्थ मिनरल्‍स की माइनिंग पर करार

अक्करा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नैचुरल रिसोर्स से भरपूर अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने में जुटे हैं. इसके मद्देनजर पीएम मोदी 2 जुलाई 2025 को वेस्‍ट अफ्रीकी देश घाना पहुंचे. उन्‍होंने राष्‍ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा के साथ डेलिगेशन स्‍तर की बैठक की और रणनीतिक और सामरिक तौर पर कई महत्‍वपूर्ण करार किए गए. इनमें सबसे महत्‍वपूर्ण रेयर अर्थ मिनरल्‍स की माइनिंग को लेकर बनी सहमति है. बता दें कि रेयर अर्थ मिनरल्‍स से भरपूर चीन ने रेयर मैग्‍नेट के एक्‍सपोर्ट पर लगाम लगाया है, जिससे भारत के इलेक्ट्रिक व्हिकल (EV) प्रोजेक्‍ट को धक्‍का लगा है. ऐसे में पीएम मोदी और घाना के राष्‍ट्रपति महामा के बीच रेयर अर्थ मिनरल्‍स की माइनिंग पर बनी सहमति अपने आप में ऐतिहासिक है. इसके साथ ही भारत ने अफ्रीका से चीन को करारा जवाब देते हुए रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर उसके एकाधिकार को तोड़ने के अभियान की शुरुआत भी कर दी है. इसके साथ ही भारत और घाना ने द्विपक्षीय संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप का दर्जा दिया है, जिससे सहयोग के नए दरवाजे खुलने की संभावना बढ़ गई है.

भारत और घाना ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए इन्हें समग्र साझेदारी (Comprehensive Partnership) में बदल दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा के बीच विस्तृत वार्ता के बाद यह महत्वपूर्ण घोषणा की गई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत अब केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि घाना की राष्ट्र-निर्माण यात्रा में एक सहयात्री है.’ यह बयान न केवल भारत की अफ्रीका नीति को मजबूती देता है, बल्कि घाना के साथ उसके ऐतिहासिक संबंधों को भी नई दिशा देता है. यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीन दशकों में घाना की पहली आधिकारिक यात्रा थी. राजधानी अकरा पहुंचने पर घाना के राष्ट्रपति महामा ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत कर विशेष सम्मान दिया.

व्यापार और निवेश में बड़ी छलांग की तैयारी
दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियों ने अब तक घाना में लगभग दो अरब डॉलर (17138 करोड़ रुपये) का निवेश किया है और 900 से अधिक प्रोजेक्‍ट ऑपरेट की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत घाना के साथ फिनटेक (FinTech) क्षेत्र में सहयोग को तैयार है और यूपीआई (UPI) डिजिटल भुगतान प्रणाली साझा करने की पेशकश की है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति महामा की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच चार अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. ये समझौते संस्कृति, पारंपरिक चिकित्सा, खनिज संसाधन और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर हैं.

रेयर अर्थ मिनरल्‍स माइनिंग पर करार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत घाना के साथ महत्वपूर्ण खनिजों की खोज (रेयर अर्थ मिनरल्‍स) और खनन में सहयोग करेगा. साथ ही रक्षा और मैरीटाइम सिक्‍योरिटी के क्षेत्र में भी दोनों देश साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. उन्होंने इसे सुरक्षा के लिए एकजुटता (Security Through Solidarity) का मंत्र बताया. बता दें कि रेयर अर्थ मैटीरियल को लेकर इन दिनों पूरी दुनिया में घमासान मचा हुआ है. चीन के मनमाने रवैये की वजह से कई सेंसिटव इंडस्‍ट्री (खासकर ऑटो और डिफेंस सेक्‍टर) के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इसे देखते हुए भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए वेस्‍ट अफ्रीकी देश से चीन को सीधा संदेश भी दिया है.

आतंकवाद पर चिंता, ग्‍लोबल पीस पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और घाना आतंकवाद को मानवता का शत्रु मानते हैं और इस खतरे से निपटने के लिए सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया है. पहलगाम हमले के बाद घाना ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई है. वहीं, पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों को लेकर दोनों नेताओं ने चिंता जताई और संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का आह्वान किया. पीएम मोदी ने दोहराया कि यह युद्ध का युग नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और घाना दोनों वैश्विक दक्षिण (Global South) के सदस्य हैं और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि हमारी G20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 की स्थायी सदस्यता मिली.

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