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उत्तर प्रदेश

LDA ने कब्जे में ली सहारा बाजार की संपत्ति, 2 दिन बाद नीलामी, एकमुश्त होगी बिक्री

लखनऊ 
यूपी की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर स्थित विभूति खण्ड के पॉलीटेक्निक चौराहे के पास बने सहारा बाजार को LDA अब नीलामी के जरिए बेचने जा रहा है। इस प्रापर्टी की नीलामी दो दिन बाद शुरू हो जाएगी। इसे एकमुश्त एक ही व्यक्ति को बेचा जाएगा। यहां करीब 4741 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस परिसर में लगभग 150 दुकानें बनी हुई हैं, लेकिन इनमें से फिलहाल सिर्फ 11 दुकानें ही संचालित हैं। जो इसे खरीदेगा वह इसे तोड़कर दोबारा यहां कॉम्प्लेक्स बना सकेगा।
 
12 दिन पहले LDA ने लिया कब्जा
एलडीए ने बताया कि यह भूखंड 9 जनवरी 1987 में सहारा इंडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 30 सालों की लीज पर आवंटित किया गया था, जिसकी अवधि 9 जनवरी 2017 को समाप्त हो गई है। लीज खत्म हो जाने के बाद संस्था ने इस रिनिवल नहीं करवाया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लीज निरस्त कर दी और फिर प्रवेश का आदेश दिया है। इसके बाद एलडीए की प्रवर्तन, अभियंत्रण और संपत्ति अनुभाग की टीम ने 12 दिन पहले इस पर कब्जा कर लिया। सहारा ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी, लेकिन मंगलवार को हुई सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली।

बनी है 150 दुकानें, गलत तरीके से बेचा
अपर सचिव ने बताया कि कॉम्पलेक्स में लगभग 150 दुकानें निर्मित हैं, जिनमें से सिर्फ 11 दुकानें ही संचालित हैं। कब्जा लिये जाने से पूर्व स्थल पर मुनादी कराते हुए दुकानदारों को जगह खाली करने का समय दिया गया था। जिसकी मियाद पूरी होने पर एलडीए के अभियंत्रण, प्रवर्तन व सम्पत्ति अनुभाग की संयुक्त टीम इसे अपने कब्जे में लिया था।
 
एलडीए ने यह भी खुलासा किया कि सहारा इंडिया ने इस भूखंड को खुद का बताकर कई लोगों को दुकानें बेच दी थीं, जबकि जमीन लीज पर थी। जब एलडीए ने कब्जा लिया, उस दौरान कई लोग सेल डीड लेकर पहुंचे, जिनमें सहारा द्वारा खुद को ‘मालिक’ बताकर दुकानें बेची गई थीं। इन मामलों में भविष्य में विवाद की स्थिति में मिल-बैठकर सुलझाने का उल्लेख भी सेल डीड में किया गया था। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा है कि जो भी वैध रूप से दुकानें ले चुके हैं, उन्हें प्राधिकरण की ओर से राहत दी जाएगी। अपर सचिव वर्मा ने बताया कि ऐसे लोगों को तीन विकल्प दिए जा रहे हैं, ताकि उनके साथ कोई अन्याय न हो।

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