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राजनीति

रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में महाराष्ट्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुणाल पाटिल ने हाथ का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया

मुंबई 

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महाराष्ट्र इकाई के नए अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कार्यभार संभालते ही विपक्षी कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया. रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में महाराष्ट्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुणाल पाटिल ने हाथ का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. कुणाल का कांग्रेस छोड़ना उत्तर महाराष्ट्र और धुले में ग्रैंड ओल्ड पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

कुणाल पाटिल की गिनती लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबियों में होती थी. कुणाल पाटिल धुले ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. हफ्तेभर पहले कुणाल पाटिल की रवींद्र चव्हाण के साथ सीक्रेट मीटिंग की खबर आई थी. तब ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि कुणाल सीएम देवेंद्र फडणवीस और रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.

हालांकि, तब कुणाल पाटिल ने बीजेपी में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया था. मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए कुणाल पाटिल ने कहा था कि वह अपने निजी काम के सिलसिले में रवींद्र चव्हाण से मिले थे. अब कुणाल बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस का जनता से जुड़ाव कम हो गया है.

धुले में कुणाल पाटिल का मजबूत प्रभाव

कुणाल पाटिल का धुले के साथ ही उत्तर महाराष्ट्र के आसपास के जिलों में भी मजबूत प्रभाव माना जाता है. उनकी पहचान सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है और युवा वर्ग के बीच उनका अपना आधार है. कुणाल का पार्टी छोड़ना, बीजेपी में शामिल होना विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अब निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव करीब हैं और बीजेपी ने अब दूसरे दलों के मजबूत नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं. रवींद्र चव्हाण के महाराष्ट्र बीजेपी की कमान संभालने के बाद दूसरे दलों से नेताओं के बीजेपी में आने का सिलसिला और तेज होने के आसार हैं.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी रवींद्र चव्हाण पहली फडणवीस कैबिनेट में मंत्री थे. वह एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में भी मंत्री थे. ठाणे जिले के डोंबिवली से आने वाले चार बार के विधायक रवींद्र चव्हाण की इमेज मुश्किल मसलों के त्वरित समाधान निकालने वाले नेता की है.

 

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