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राजनीति

एमपी में नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की तैयारियां तेज, 1 जुलाई को नामांकन की प्रक्रिया होगी

 भोपाल

मध्य प्रदेश बीजेपी को 2 जुलाई को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्टी नए नेतृत्व की तलाश में है। संगठन ने इसके लिए विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया तय की है जिसके तहत 1 जुलाई को नामांकन दाखिल होंगे और अगले दिन भोपाल में होने वाली कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

इसी कड़ी में कल एक जुलाई को केंद्रीय चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भोपाल आएंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल आएंगे। 2 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर बैठक होगी। बैठक में अध्यक्ष पद के लिए नाम रखा जाएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो आम सहमति से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। चुनाव प्रक्रिया के तहत आज शाम तक चुनावी कार्यक्रम जारी होगा। कार्यक्रम के साथ वोटर लिस्ट भी जारी हो सकती है। चुनाव के पहले कल शाम को पार्टी की अहम बैठक होगी। बैठक में वरिष्ठ नेता अध्यक्ष चयन प्रक्रिया को लेकर आपस में चर्चा करेंगे।

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे और नामांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। 2 जुलाई को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है।

दावेदारों में कड़ा मुकाबला

एमपी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की रेस में बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आरएसएस दोनों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वहीं, दुर्गादास उईके जो बैतूल से सांसद और गोंड समाज से ताल्लुक रखते हैं को आदिवासी वर्ग का एक मजबूत चेहरा माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में 22% आदिवासी आबादी, जिसमें 13% गोंड समाज शामिल है, को देखते हुए पार्टी उनके नाम पर विचार कर सकती है।

वर्गवार दावेदारी

पार्टी जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष का चयन कर रही है। विभिन्न वर्गों से प्रमुख दावेदार इस प्रकार हैं:

    ब्राह्मण वर्ग: डॉ. नरोत्तम मिश्रा (पूर्व गृह मंत्री), राजेन्द्र शुक्ल (उपमुख्यमंत्री), रामेश्वर शर्मा (विधायक )
    वैश्य वर्ग: हेमंत खंडेलवाल (विधायक, बैतूल), सुधीर गुप्ता (सांसद, मंदसौर)
    क्षत्रिय वर्ग: अरविंद भदौरिया (पूर्व मंत्री), बृजेन्द्र प्रताप सिंह (विधायक व पूर्व मंत्री)
    अनुसूचित जाति: प्रदीप लारिया (विधायक, नरयावली), लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा), हरिशंकर खटीक (विधायक व प्रदेश महामंत्री, बीजेपी)
    अनुसूचित जनजाति: गजेन्द्र सिंह पटेल (सांसद, खरगोन), दुर्गादास उईके (केंद्रीय राज्य मंत्री), फग्गन सिंह कुलस्ते (सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री), सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद)

आदिवासी और महिला नेतृत्व पर विचार

सूत्रों के अनुसार, इस दौड़ में आदिवासी वर्ग को प्राथमिकता देने की संभावना है क्योंकि मध्य प्रदेश में 47 विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, 2028 के विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण और नए परिसीमन को ध्यान में रखते हुए पार्टी किसी महिला नेता को भी कमान सौंपने पर विचार कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान की निगरानी में होगी प्रक्रिया

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे और पूरी नामांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके बाद 2 जुलाई को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा होने की संभावना है।

ये नेता सबसे लंबे तक रहे अध्यक्ष

 विश्लेषण से पता चला कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा लगातार सबसे लंबे समय (63 माह) से कुर्सी पर बने हुए हैं। यह रिकॉर्ड हैं। इससे पहले वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा लगातार 50 माह तक अध्यक्ष रहे। पहले कार्यकाल में पटवा 36 माह अध्यक्ष रहे। यानी पटवा करीब 86 माह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर रहे। 

इनके हाथ खाली

मालवा क्षेत्र के आठ नेता अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे। ग्वालियर- चंबल को चार बार मौका मिला, लेकिन बुंदेलखंड और विध्य क्षेत्र के हाथ अब भी खाली हैं। गाहे-बगाहे मांग उठ रही है कि बुंदेलखंड-विध्य के सूखे को भी खत्म किया जाए। 

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दो बार छग के नेता

1980 के बाद दो बार ऐसा भी हुआ है जब प्रदेश छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका मिला है। साल 1990 से 1994 तक रायगढ़ के लख्खीराम अग्रवाल और 1997 से 2000 तक नंदकुमार राय प्रदेश अध्यक्ष रहे। 

1980 से अध्यक्षों का कार्यकाल

    अध्यक्ष –          जिला –   क्षेत्र –   माह

    सुंदरलाल पटवा – नीमच- मालवा- 36 महीने
    कैलाश जोशी – देवास – मालवा – 16 महीने
    शिवप्रसाद – चैनपुरिया -जबलपुर – महाकौशल – 9 महीने
    सुंदरलाल पटवा- मालवा – 50 महीने
    लख्खीराम अग्रवाल – रायगढ़ – (छग)
    लक्ष्मीनारायण पांडे – रतलाम – मालवा – 41 महीने
    नंदकुमार साय – रायगढ़ (छ्ग)
    विक्रम वर्मा- धार- मालवा- 26 महीने
    कैलाश जोशी – देवास – मालवा – 32 महीने
    शिवराज सिंह चौहान – विदिशा – मध्य – 9 महीने
    सत्यनारायण जटिया – उज्जैन – मालवा – 9 महीने
    नरेंद्र सिंह तोमर – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 42 महीने
    प्रभात झा – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 20 महीने
    नरेंद्र सिंह तोमर – ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल – 20 महीने
    नंद कुमार सिंह चौहान – खंडवा – मालवा – 17 महीने
    नंद कुमार सिंह चौहान – खंडवा – मालवा – 28 महीने
    राकेश सिंह – जबलपुर – महाकौशल – 21 महीने
    वीडी शर्मा – मुरैना – ग्वालियर-चंबल – 63 महीने

 

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