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डिजिटल अरेस्‍ट के बाद आ गए डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स

नई दिल्ली

साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल स्‍कैम ऐसी मुसीबत बन गई हैं, जो लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही। साइबर अपराधी अब एक नए तरीके को आजमा रहे हैं। वो इस्‍तेमाल कर रहे हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स यह साइबर अपराधियों का मायाजाल है जो अपना काम करके फुर्र हो जाता है। आपको इससे बहुत सतर्क रहने की जरूरत है, क्‍योंकि ऐसी धोखाधड़ी अब शुरू हो गई है। सरकार की तरफ से इसे लेकर अलर्ट किया गया है। क्‍या होते हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स। साइबर अपराधी इनका किस तरह से इस्‍तेमाल कर रहे हैं। यह सारी जानकारी हम आपको देने जा रहे हैं।

क्‍या हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स
गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एक्‍स अकाउंट साइबर दोस्‍त डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स से होने वाले फ्रॉड को लेकर सचेत किया है। डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स उन वेबसाइटों को कहा जाता है जो कुछ देर के लिए बनाई जाती हैं। यह कुछ घंटों से लेकर सुबह से शाम तक चल सकती हैं। आमतौर पर असली दिखने वाली वेबसाइटों की हूबहू कॉपी होती हैं। लोगों को लगता है कि वो असली वेबसाइट पर हैं। शॉपिंग कर रहे हैं। लेकिन ऐसा होता नहीं। ये वेबसाइटें लोगों की जानकारी चुराकर या उन्‍हें चूना लगाकर गायब हो जाती हैं। यानी गूगल पर ढूंढने से भी नहीं मिलेंगी और आप सोचते रह जाएंगे कि गलती कहां हुई, पैसा कहां निकल गया।

डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स काे कैसे पहचानें
डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स के जरिए छलने वाली वेबसाइटें भले असली लगें लेकिन उनके यूआरएल यानी डोमेन से आप पहचान कर सकते हैं। अगर किसी वेबसाइट में .click, .buzz .monster जैसा शब्‍द दिख रहा है तो वह फर्जी वेबसाइट हो सकती है। वेबसाइट में स्‍पेलिंग मिस्‍टेक है जैसे गूगल ही सही नहीं लिखा तो वह भी डिस्‍पोजेबल डोमेन हो सकता है। अगर आपको मैसेज में या ईमेल में किसी वेबसाइट का लिंक आ रहा है तो वह भी डिस्‍पोजेबल डोमेन से जुड़ा हो सकता है।

डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स क्‍या काम करते हैं
जैसाकि हमने बताया, डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स मुख्‍य रूप से यूजर की जानकारी चुराते हैं। यह आपके पासवर्डों में सेंध लगा सकते हैं। आपकी डिवाइस जैसे-मोबाइल या कंप्‍यूटर में वायरस लोड कर सकते हैं। फेक शॉपिंग वेबसाइट के रूप में आपके साथ कोई डिस्‍पोजेबल डोमेन आ सकता है। उस वेबसाइट में फर्जी ऑफर दिए जाते हैं और कई बार लोग लालच में फंसकर अपना पैसा गंवा देते हैं।

डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स का इस्‍तेमाल ही क्‍यों
आप सोच रहे होंगे कि कोई भी डोमेन लेने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, खासतौर पर वह अगर पॉपुलर डोमेन हो। हां यह सच है, लेकिन डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स के मामले में ऐसा नहीं होता। यह काफी सस्‍ते में मिल जाते हैं। बताया गया है कि इन वेबसाइटों को सेटअप करना और डिलीट करना भी बहुत आसान होता है। इन्‍हें एकसाथ बल्‍क में तैयार किया जा सकता है यानी एक साथ कई नकली वेबसाइटें बनाई जा सकती हैं। सबसे खतरनाक बात कि ऐसी वेबसाइटों को ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए अगर आप भी ऑनलाइन एक्टिव रहते हैं। वेबसाइटों से शॉपिंग करते हैं, तो अलर्ट हो जाएं। डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स की पहचान करके खुद को सेफ रखें। सभी तस्‍वीरें साभार, @Cyberdost से।

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