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जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर आग का गोला बना केमिकल टैंकर, ड्राइवर जला जिंदा

जयपुर 
राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ जब केमिकल से भरे एक टैंकर में आग लग गई। हादसा जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर मोखमपुरा कस्बे के पास सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। टैंकर में भीषण आग लगने से ड्राइवर राजेंद्र की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर में मेथेनॉल भरा हुआ था, जो टैंकर पलटने के बाद हाईवे पर फैल गया और तेज धमाके के साथ आग का गोला बन गया। धुएं और लपटें इतनी भयानक थीं कि करीब 300 मीटर दूर से भी साफ नजर आ रही थीं। आग फैलने के डर से आसपास की कई गाड़ियां बीच हाईवे पर ही रुक गईं और कई ड्राइवर अपनी गाड़ियां छोड़कर खेतों की ओर भाग गए।

डर के कारण जान बचाकर भागे लोग
प्रत्यक्षदर्शी विशाल, जो जयपुर की ओर जा रहे थे, ने बताया कि टैंकर पलटते ही जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई। सभी लोग घबरा गए और अपनी-अपनी गाड़ियों से उतरकर पीछे की ओर भागने लगे। उन्होंने कहा, “हमारे साथ चल रही कई गाड़ियों के लोग भी खुली जगहों की तरफ भाग गए। गनीमत रही कि और कोई जनहानि नहीं हुई।”

आधे घंटे तक हाईवे रहा जाम, ट्रैफिक एक लेन पर डायवर्ट
सूचना मिलते ही मौखमपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया था, जिसे बाद में एक लेन पर डायवर्ट किया गया। हादसे के कारण करीब आधे घंटे तक NH-48 पूरी तरह बाधित रहा।

पिछले हादसों से सबक नहीं सीखा प्रशासन?
यह हादसा ठीक उसी हाईवे पर हुआ है, जहां दिसंबर 2024 में भांकरोटा के पास LPG टैंकर ब्लास्ट में 20 लोगों की मौत और 35 से अधिक लोगों के झुलसने की खबर आई थी। तब यह दावा किया गया था कि आगे से टैंकरों की मॉनिटरिंग और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले हादसे से कोई सबक नहीं लिया। “केमिकल या गैस से भरे टैंकरों की मॉनिटरिंग, सेफ्टी प्रोटोकॉल और रूटीन चेकिंग अब भी नजर नहीं आती,” एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया।

अब सवाल उठते हैं —
·         केमिकल ले जा रहे टैंकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
·         क्या हाईवे पर ऐसे टैंकरों की निगरानी के लिए कोई ठोस व्यवस्था है?
·         ड्राइवरों को आपातकालीन स्थिति में निपटने की ट्रेनिंग क्यों नहीं दी जाती?

राज्य सरकार और परिवहन विभाग के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और भी भयावह हादसे हो सकते हैं।

 

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