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विदेश

ईरान ने ट्रंप को संदेश भेजा की अब अमेरिका में अपने स्लीपर सेल सक्रिय करेगा

वाशिंगटन

ईरान के खिलाफ अमेरिकी का कार्रवाई बड़े संघर्ष के संकेत दे रही है। अब खबर है कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ही ईरान ने अमेरिका को परमाणु ठिकानों पर हमले को लेकर चेतावनी दे दी थी। रविवार को अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, ईरान और इजरायल के बीच लगातार संघर्ष जारी है।

एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संदेश भेजा था कि अगर परमाणु ठिकानों पर हमले किए गए, तो वह अमेरिका में अपने स्लीपर सेल सक्रिय कर देगा ताकि आतंकवादी हमले कराए जा सकें। चैनल ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह बात कही है।

हमलों के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्रों को 'पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।'

व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच, ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका ईरान के साथ 'युद्ध नहीं चाहता।' ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो और हमले होंगे।
ईरान का क्या प्लान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि कूटनीति का दौर बीत गया और उनके देश को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने तुर्किये में प्रेस वार्ता के दौरान कहा, 'अमेरिका में युद्धोन्मादी, अराजक प्रशासन इस आक्रामक कृत्य के खतरनाक और दूरगामी प्रभावों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।'

अरागची ने कहा, 'अमेरिका ने सारी हदें पार कर दी हैं और कल रात जो हुआ वह सबसे खतरनाक था। कल रात को उन्होंने (अमेरिका) परमाणु केंद्रों पर हमला करके सारी हदें पार कर दीं।' उन्होंने कहा कि वह तत्काल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को रवाना होंगे क्योंकि अमेरिका इजराइल के साथ क्षेत्रीय युद्ध में कूद गया है।

इजरायल की ओर से पहली बार मिला युद्ध रोकने का संकेत

इजरायल ने ईरान के साथ दिन से चल रही लड़ाई को रोकने का संकेत दिया है। इजरायली अधिकारियों ने रविवार को कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई हमले रोककर समाधान की ओर जाने की ख्वाहिश जताते हैं तो उनका देश भी सैन्य अभियान रोक देगा। इजरायल की ओर से यह टिप्पणी अमेरिका के ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करने के बाद आई है। इजरायल ने 13 जून को ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद 22 जून को अमेरिका ने भी जंग में कूदते हुए ईरान पर हवाई हमले किए हैं।

इजरायली न्यूज वेबसाइट वायनेट की अपनी रिपोर्ट के मुताबिक, एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि अगर खामेनेई फायर रोकते हैं और कहते हैं कि वह लड़ाई समाप्त करना चाहते हैं तो हम इसे स्वीकार करेंगे। इजरायल की ओर से सीजफायर के संकेत मिलने से दोनों देशों में भीषण होती ये लड़ाई रुकने की उम्मीद बंधी है। हालांकि ईरान ने फिलहाल इस पर कोई कमेंट नहीं किया है। इससे पहले ईरान ने कहा था कि हमला इजरायल ने शुरू किया है, ऐसे में अगर वह रुकता है तो हम भी जवाबी अटैक बंद कर देंगे।

हम लंबे युद्ध के लिए भी तैयार

इजरायली अधिकारियों ने ईरान से सीजफायर पर कहा, 'हमने जनता को एक लंबे युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। युद्ध को खत्म करना हम पर नहीं ईरानियों पर निर्भर करता है। ईरान हमें एक युद्ध में खींचता है तो इसमें समय लगेगा। हालांकि हमें उम्मीद है कि हम इसे जल्द ही समाप्त कर देंगे। हमें और एक हफ्ते में इसके खत्म होने की उम्मीद है। ईरान हमले जारी रखता है तो हम जवाब देंगे लेकिन हमारी रुचि इसे लंबा खींचने में नहीं है।

इजरायली अधिकारियों ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना था, इस उद्देश्य को हमने हासिल कर लिया है। अभी के लिए हम यह देखने के लिए देख रहे हैं कि खामेनेई क्या फैसला करते हैं। इजरायल ने 13 जून को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने की बात कहते हुए तेहरान पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं और दोंनों ओर से लड़ाई जारी है।
ईरान ने परमाणु ठिकानों से हटा दी थी सामग्री!

अमेरिका के हमलों से पहले ही ईरान के अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने का दावा किया जा रहा है। इस पर इजरायली अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी हमले के प्रभाव को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। रक्षा प्रतिष्ठान का मानना है कि हमले से पहले सारी समृद्ध सामग्री को हटाना संभव नहीं था। हालांकि ऐसा लगता है कि कुछ मात्रा में निकालने में कामयाब रहे और कुछ नष्ट हो गया। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम कम से कम एक दशक से अधिक पीछे चला गया है।

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