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स्वस्थ-जगत

भारत में 20% घरों में सभी वयस्क या तो अधिक वजन वाले हैं या मोटापे से ग्रस्त हैं:शोध

नई दिल्ली
एक नए अध्ययन में पता चला है कि लगभग 10 में से 2 घरों में, सभी वयस्क या तो अधिक वजन वाले हैं या मोटापे से ग्रस्त हैं। अधिक वजन का मतलब है, किसी व्यक्ति की ऊंचाई के हिसाब से उसका वजन सामान्य से ज्यादा होना। इसे BMI (Body Mass Index) से मापते हैं। अगर किसी का BMI 25 से 29.9 kg/m2 के बीच है, तो उसे अधिक वजन वाला माना जाता है। मोटापा तब होता है, जब BMI 30.0 kg/m2 या इससे ज्यादा हो जाता है। BMI एक नंबर होता है जिससे पता चलता है कि आपका वजन आपकी हाइट के हिसाब से ठीक है या नहीं।

6 लाख घरों पर सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
NICPR, TERI School of Advanced Studies और सिंबॉसिस के शोधकर्ताओं ने एक सर्वे किया। उन्होंने (NFHS-5, 2019-21) के पांचवें दौर के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें उन्होंने 6 लाख से ज्यादा घरों के लोगों के वजन और मोटापे के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने पाया कि लगभग 20% घरों में सभी वयस्क अधिक वजन वाले थे। वहीं, 10% घरों में सभी वयस्क मोटापे से ग्रस्त थे।

इन 4 राज्यों में सबसे अधिक मोटे लोग पाए गए
अध्ययन में पता चला कि मणिपुर, केरल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों में 30% से ज्यादा घरों में सभी वयस्क अधिक वजन वाले थे। तमिलनाडु और पंजाब में पांच में से दो घरों में सभी वयस्क मोटापे से ग्रस्त पाए गए। शहरों में गाँवों के मुकाबले दोगुने घरों में सभी सदस्य मोटापे से ग्रस्त थे।

स्टडी में यह बात सामने आई है कि परिवार एक साथ वजन बढ़ा रहे हैं । ICMR-NICPR के प्रमुख शोधकर्ता प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि जब परिवार का एक सदस्य अधिक वजन वाला या मोटा होता है, तो दूसरों के भी मोटे होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, मोटापा रोकने के लिए परिवार पर ध्यान देना ज़रूरी है, न कि सिर्फ एक व्यक्ति पर। इसका मतलब है कि अगर घर में किसी एक को मोटापा है तो बाकी सदस्यों को भी होने का खतरा है। इसलिए पूरे परिवार को मिलकर अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए।

मोटापे का पारिवारिक रूप से होना एक बड़ा बदलाव
ICMR-NICPR की निदेशक शालिनी सिंह ने कहा कि मोटापे का पारिवारिक रूप से होना एक बड़ा बदलाव है। अब हम मोटापे को अलग तरह से समझ रहे हैं। यह अध्ययन बताता है कि परिवार इस स्वास्थ्य समस्या का केंद्र है। मतलब, मोटापा सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे परिवार की समस्या है।

अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि जिन परिवारों में मोटापा है, उन लोगों को कई गैर-संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। यह तो हम जानते ही हैं कि मोटापा खराब हृदय स्वास्थ्य का संकेत है। इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और हृदय विफलता जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। यह 13 तरह के कैंसर से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए मोटापे से बचना बहुत जरूरी है।

मोटापा आजकल एक गंभीर समस्या बन गई है। इससे बचने के लिए हमें अपने खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए। नियमित व्यायाम करना और स्वस्थ भोजन खाना बहुत ज़रूरी है। अगर परिवार के सभी सदस्य मिलकर प्रयास करें, तो मोटापे से आसानी से बचा जा सकता है।

 

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