<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

आज योग दिवस के दिन परछाई भी छोड़ देगी आपका साथ; जानिए खगोलीय घटना का रहस्य

ग्वालियर

शनिवार 21 जून को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन होंगे। इस दिन सबसे लंबा 13 घंटे से अधिक का दिन होगा। 21 जून को सुबह 5.11 बजे सूर्य सायन कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और उत्तरायण से दक्षिणायन हो जाएंगे।

ज्योतिषाचार्य ने बताई टाइमिंग
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि 21 जून को भारत में सबसे बड़ा दिन होगा और रात सबसे छोटी होगी। इसके बाद दिन धीरे-धीरे छोटे होते जाएंगे और रातें बड़ी होती जाएंगी। उत्तरी गोलार्द्ध में 21 जून को सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होगी, जबकि उत्तरी गोलार्ध में 22 दिसंबर को सबसे बड़ी रात और दिन का मान सबसे कम रहता है। 21 जून को ग्रीष्म अयनांत (मकर रेखा पर सूर्य लंबवत) है। भारत में यह साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होगी, दिन की अवधि 13 घंटे से अधिक और रात लगभग 11 घंटे की रहेगी।

धार्मिक मान्यता और परंपरा
सूर्य का दक्षिणायन और आर्द्रा में प्रवेश धार्मिक रूप से भी खास होता है। पूर्वांचल सहित कई क्षेत्रों में इस अवसर पर पारंपरिक आर्द्रा नक्षत्र थाली बनाई जाती है, जिसमें दाल-पूरी, खीर, मौसमी सब्जियां और आम होते हैं। मत्स्य पुराण के मुताबिक, यह काल देवी-देवताओं की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ होता है और इस समय की गई उपासना से मनोकामनाएं भी शीघ्र पूर्ण होती हैं।

परछाई भी छोड़ देगी आपका साथ; जानिए खगोलीय घटना का रहस्य

क्या आपने कभी किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है, जहां दोपहर में भी इंसान की छाया नहीं बनती? जी हां, मध्य प्रदेश का एक गांव जो अब सिर्फ गांव नहीं बल्कि एक खगोलिक तीर्थ बन गया है. उसका नाम है डोंगला. उज्जैन से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित डोंगला गांव में भारत की छठवीं और अद्भुत वेधशाला बन रही है. ये वो जगह है, जहां खगोलशास्त्र, ज्योतिष, विज्ञान और आध्यात्म सब एक हो जाते हैं. 21 जून को डोंगला की वराहमिहिर वेधशाला में मख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एक प्लेनेटोरियम का लोकार्पण करेंगे. इस दौरान यहां खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी. जिसमे देश के कई खगोलशास्त्री शामिल होंगे

क्यों परछाई छोड़ देती है साथ?

राजा विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन में समय की गणना का केंद्र अब खिसककर एक छोटे से गांव डोंगला की गोद में आ गया है. यह वही डोंगला है, जहाँ हर साल 21 जून को ठीक दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर छाया तक छिप जाती है. विज्ञान इसे शून्य छाया बिंदु कहता है. डोंगला गांव से कर्क रेखा गुजरती है, इसलिए ये गांव खगोल विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से महत्तवपूर्ण रहा है. और अब इस रहस्य को विज्ञान की आंख से देखने के लिए खड़ी हो चुकी है वराहमिहिर वेधशाला.

ये यंत्र लगे हैं यहां?

यहां पाँच ऐसे यंत्र लगे हैं जो समय और आकाशीय घटनाओं को केवल मापते नहीं, महसूस भी कराते हैं.

शंकु यंत्र : एक छड़ीनुमा यंत्र, जो सूर्य की छाया से समय और अक्षांश तय करता है.

भित्ति यंत्र : दीवार जैसा यंत्र, जो सूर्य और चंद्रमा की ऊंचाई बताता है.

सम्राट यंत्र : एक विशाल त्रिकोणाकार धूपघड़ी, जो सौर समय बताती है.

नाड़ी वलय यंत्र : ग्रहों की दिशा और गति मापने वाला पारंपरिक यंत्र.

भास्कर यंत्र : पृथ्वी के झुकाव और ध्रुव तारे की स्थिति बताने वाला यंत्र.

रविवार को सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश
रविवार 22 जून को सूर्य शाम 4.14 बजे आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस समय सूर्य के साथ बुध और गुरु भी रहेंगे, जो अच्छी बारिश के संकेतक हैं। रोहिणी का वास समुद्र तट पर होने से तेज हवाओं और मानसून की संभावना भी जताई गई है।

इन जिलों में क्या होगी दिन की टाइमिंग
ग्वालियर में 13 घंटे 44 मिनट का दिन और रात 10 घंटे 16 मिनट की होगी।
भोपाल में 13 घंटे 31 मिनट का दिन और रात्रि 10 घंटे 29 मिनट की होगी।
उज्जैन में 13 घंटे 31 मिनट का दिन और रात्रि 10 घंटे 31 मिनट की होगी।
दिल्ली में 13 घंटे 56 मिनट का दिन और रात्रि 10 घंटे 4 मिनट की होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button