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मध्यप्रदेश

एक मई से हटे तबादलों पर प्रतिबंध की अवधि दो दिन में खत्म हो जाएगी, कई विभागों की लिस्ट पेंडिंग

भोपाल 

एक मई से हटे तबादलों पर प्रतिबंध की अवधि दो दिन में खत्म हो जाएगी। मंगलवार, 17 जून के बाद तबादलों की समय-सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। यह साफ हो चुका है। लेकिन कई विभागों ने अभी तक तबादला सूची जारी नहीं की है।

जिन प्रमुख विभागों ने इस अवधि में तबादले नहीं किए हैं, उनमें स्कूल शिक्षा, वन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी), खनिज संसाधन (माइनिंग), परिवहन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी (हार्टिकल्चर) जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य विभागों ने भी अभी आधी-अधूरी सूची ही जारी की है।

स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा तबादले होने हैं, और इसके लिए विभाग ने 16 जून, सोमवार तक का समय तय किया है। इसलिए सबसे बड़ी सूची इसी विभाग से जारी होने की संभावना है। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग के भी तबादला आदेश जारी होना बाकी हैं। इस विभाग में ट्राइबल टीचर्स के अलावा सहायक संचालक, जिला संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक समेत उच्च पदों पर पदस्थ अफसरों और कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वन्य जीवों की सुरक्षा और व्यवस्थापन को लेकर काफी गंभीर हैं, लेकिन इस विभाग में रेंजर, उप वन मंडल अधिकारी, वन मंडल अधिकारी, फॉरेस्ट गार्ड समेत वन भवन में पदस्थ अफसरों के तबादले भी अटके हुए हैं। खनिज संसाधन विभाग में जिला खनिज अधिकारी समेत खनिज निरीक्षकों के तबादले लंबित हैं।

 शिक्षा और स्वास्थ में लम्बी सूची

प्रदेश में सोमवार और मंगलवार को तबादलों की बारिश हो सकती है। कई विभागों में रुके तबादलों की सूची जारी होने की पूरी सम्भावना है। एक मई से हटे तबादलों पर प्रतिबंध की अवधि दो दिन में खत्म हो जाएगी। इस बार तबादलों के लिए पूरे 47 दिन का वक्त मिला था। स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री भी तबादला सूची में संशोधन कर चुके हैं, जिसके चलते सूची जारी होने में देर हो रही है।

17 जून के बाद तबादलों की समय-सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। यह साफ हो चुका है। लेकिन कई विभागों ने अभी तक तबादला सूची जारी नहीं की है।
जिन प्रमुख विभागों ने इस अवधि में तबादले नहीं किए हैं, उनमें स्कूल शिक्षा, वन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी), खनिज संसाधन (माइनिंग), परिवहन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी (हार्टिकल्चर) जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य विभागों ने भी अभी आधी-अधूरी सूची ही जारी की है।

स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा तबादले होने हैं, और इसके लिए विभाग ने 16 जून, सोमवार तक का समय तय किया है। इसलिए सबसे बड़ी सूची इसी विभाग से जारी होने की संभावना है।

इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग के भी तबादला आदेश जारी होना बाकी हैं। इस विभाग में ट्राइबल टीचर्स के अलावा सहायक संचालक, जिला संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक समेत उच्च पदों पर पदस्थ अफसरों और कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार है।

स्वास्थ्य विभाग में भी नर्सिंग ऑफिसरों की एक या दो सूचियाँ जारी होना तय माना जा रहा है। डॉक्टरों, सर्जनों, विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों के तबादलों की सूची अब तक जारी नहीं की गई है। केवल उच्च शिक्षा विभाग ने भारी-भरकम तबादला सूची जारी की है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर और आईएएस अफसरों की कोई तबादला सूची जारी नहीं की है। 37 संयुक्त कलेक्टर मार्च 2023 से ही अपर कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पदस्थापन नहीं मिल पाई है और वे अभी भी जिलों में संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इस वर्ष तबादलों के लिए विभागों को कुल 47 दिन का समय मिला है। पहले मोहन कैबिनेट ने 29 अप्रैल को तबादला प्रतिबंध हटाते हुए एक मई से 30 मई तक तबादले करने का अधिकार मंत्रियों और विभागाध्यक्षों को दिया था। इसके बाद मंत्रियों की मांग और 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश दौरे के मद्देनज़र इसे 10 जून तक बढ़ाया गया। पिछली कैबिनेट में इस अवधि को सात दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी गई थी।

मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी से सूची अटकी हुई है।

तबादला सूची जारी न होने का मुख्य कारण मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी को बताया जा रहा है। कई विभागों में प्रमुख सचिव, आयुक्त और मंत्रियों के बीच तबादला सूची में शामिल नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण सूची अटकी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग में भी नर्सिंग ऑफिसरों की एक या दो सूचियाँ जारी होना तय माना जा रहा है। डॉक्टरों, सर्जनों, विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों के तबादलों की सूची अब तक जारी नहीं की गई है। केवल उच्च शिक्षा विभाग ने भारी-भरकम तबादला सूची जारी की है।

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अब तक तबादले नहीं किए हैं

सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर और आईएएस अफसरों की कोई तबादला सूची जारी नहीं की है। 37 संयुक्त कलेक्टर मार्च 2023 से ही अपर कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पदस्थापन नहीं मिल पाई है और वे अभी भी जिलों में संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इसी तरह दतिया में कलेक्टर का पद 15 दिन से खाली है। यहां जिला पंचायत के सीईओ को कलेक्टर का प्रभार सौंपा गया है। दतिया के कलेक्टर रहे संदीप माकिन 31 मई को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी माह 30 जून को सागर कमिश्नर वीरेंद्र सिंह रावत भी रिटायर हो रहे हैं।

इसके अलावा मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी बदलाव को लेकर बीते 15 दिनों से मंत्रालय के गलियारों में चर्चाएं हैं, लेकिन सूची जारी नहीं हो पा रही है।

इस साल तबादलों के लिए 47 दिन मिले

इस वर्ष तबादलों के लिए विभागों को कुल 47 दिन का समय मिला है। पहले मोहन कैबिनेट ने 29 अप्रैल को तबादला प्रतिबंध हटाते हुए एक मई से 30 मई तक तबादले करने का अधिकार मंत्रियों और विभागाध्यक्षों को दिया था। इसके बाद मंत्रियों की मांग और 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश दौरे के मद्देनज़र इसे 10 जून तक बढ़ाया गया। पिछली कैबिनेट में इस अवधि को सात दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी गई थी।

9 और 10 जून को कई विभागों ने तबादला सूची जारी की, लेकिन कई विभागों की सूची अब तक जारी नहीं हुई है।

मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी से सूची अटकी हुई है

तबादला सूची जारी न होने का मुख्य कारण मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी को बताया जा रहा है। कई विभागों में प्रमुख सचिव, आयुक्त और मंत्रियों के बीच तबादला सूची में शामिल नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण सूची अटकी हुई है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में ग्रामीण आजीविका मिशन की सूची जारी नहीं हो पा रही है। वन विभाग में आईएफएस अफसरों की तबादला सूची के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की स्वीकृति मिलनी बाकी है। इसी तरह गृह विभाग की आईपीएस तबादला सूची भी लंबित है क्योंकि विभागीय अफसर मुख्यमंत्री से चर्चा के लिए समय नहीं ले पाए हैं।

स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री भी तबादला सूची में संशोधन कर चुके हैं, जिसके चलते सूची जारी होने में देर हो रही है।

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