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मध्यप्रदेश

साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से अगले 3 से 4 दिन आंधी-बारिश

भोपाल
 बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर एरिया के कारण मानसून डीप डिप्रेशन में चला गया है. जिसकी वजह से मध्य प्रदेश में मानसून के पहुंचने की संभावित तारीख भी बढ़ गई है. लेकिन बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया के साथ 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव हैं. जिसके कारण मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में आंधी-तूफान के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है. हालांकि, कुछ जिलों में अब भी गर्मी बनी हुई है और बारिश की मात्रा बहुत अधिक नहीं है. आज भी मौसम विभाग ने प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, रीवा और शहडोल संभागों के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.

'3 से 4 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान'

मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर का एरिया अब डीप डिप्रेशन में चला गया है, जो मेघालय की ओर बढ़ रहा है. इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान, मध्य उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. जिससे मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश हो रही है. हालांकि अभी अरब सागर में कोई नया सिस्टम नहीं बना है, इसलिए प्रदेश में अभी तेज बारिश की संभावना कम है. अभी अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. हालांकि इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री की बढ़ोत्तरी हो सकती है."

'स्पीड कम होने से एक सप्ताह की देरी'

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि महाराष्ट्र में मानसून 25-26 मई तक पहुंच गया था, यहां से मध्य प्रदेश तक पहुंचने में एक सप्ताह का समय लगता है. यदि मानसून अपनी रफ्तार में रहता तो एक जून तक इसके मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना थी. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून कभी एक स्पीड से नहीं चलता. जैसे पहले मानसून तेजी से केरल, कर्नाटक होते हुए महाराष्ट्र तक गया. लेकिन बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने से यह डीप डिप्रेशन में चला गया और अब यह पूरी तरह कमजोर हो गया है. ऐसे में मध्य प्रदेश तक मानसून के पहुंचने में अभी एक सप्ताह का समय और लग सकता है.

इन शहरों का पारा अब भी 40 के पार

प्रदेश में शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा. कई जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई. खजुराहो, रीवा, रायसेन, अशोक नगर और गुना समेत अन्य जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई. वहीं भोपाल समेत कुछ जिलों में बादल भी छाए रहे. इधर शुक्रवार को गर्मी के साथ तेज उमस भी देखने को मिली. शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ग्वालियर में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि खजुराहो, रीवा, सीधी, सतना और टीकमगढ़ का तापमान भी 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा. जबकि प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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