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मध्यप्रदेश

अस्पताल में हत्या के प्रयास के आरोपी संग शराब पी रहे थे पांच पुलिसकर्मी, एसपी ने सभी को सस्पेंड कर जांच-शुरू

उज्जैन

सीने में दर्द का झांसा देकर केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद प्राणघातक हमले का आरोपी इलाज के लिए चरक भवन के जेल वार्ड में भर्ती हो गया। जहां उसने पुलिसकर्मियों के साथ शराब पार्टी की और जुआ खेला। इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

दरअसल, सितंबर 2024 में अनिल सिंदल पर कोतवाली क्षेत्र में सुबह-सुबह उसके भतीजे अजय सिंदल ने प्राणघातक हमला कर दिया था। पुलिस ने मामले में अजय और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया। कुछ दिनों बाद अजय की गिरफ्तारी हुई और उसे कोर्ट में पेश कर केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ भेज दिया गया। लेकिन, वह आए दिन सीने में दर्द का झांसा देकर जेल से उपचार के लिए चरक भवन (सरकारी अस्पताल) के जेल वार्ड में भर्ती होता रहा। इस बार भी आरोपी अजय सिंदल उपचार के लिए चरक भवन में 15 दिनों के लिए भर्ती हुआ था। उसके दोबारा भर्ती होने पर हमले में घायल अनिल सिंदल के पुत्र शुभम ने निगरानी की और जेल वार्ड में आरोपी द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ मनाई जा रही पार्टी का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पुलिस की मौजूदगी में आरोपी को इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने का वीडियो सामने आते ही एसपी प्रदीप शर्मा ने संज्ञान लिया और अरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान कराई। ये पुलिसकर्मी निगरानी और सुरक्षा में पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक अल्ताफ हुसैन, आरक्षक अरविंद मरमट, आरक्षक सुनील बिठौरे, लखन अहिरवार और सुनील परमार थे। एसपी ने पांचों को सस्पेंड कर दिया है।

खूंटी पर टंगी थी पुलिसकर्मी की वर्दी
वीडियो में सामने आया कि जेल वार्ड में आरोपी के लिए शराब की व्यवस्था की गई थी। बोतल टेबल पर रखी थी। सिगरेट के कश लगाए जा रहे थे। यही नहीं, पलंग पर ताश-पत्ते और रुपए रखे हुए थे। पुलिसकर्मियों के हाथ में शराब से भरे डिस्पोजल ग्लास थे। वार्ड की खूंटी पर एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी लटकी दिखाई दे रही थी। मोबाइल फोन का उपयोग हो रहा था। पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो हत्या के प्रयास के आरोपी को इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध करा रही थी। बता दें कि अजय सिंदल पर कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 304(2), 127(1), 115(2), 351(2), 296 व 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। यही नहीं, आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज होना सामने आया है, जिनमें वह राजीनामा कर दोषमुक्त हो गया था।

परिवार का आरोप: राजीनामे का बनाया जा रहा दबाव
इस हमले में घायल हुए अनिल सिंदल के परिवार ने आरोप लगाया कि अजय सिंदल बीमार न होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने का नाटक कर रहा है। उसके द्वारा राजीनामे का दबाव भी बनाया जा रहा है। परिवार ने अपनी जान को खतरा होने की बात भी कही है।

एडिशनल एसपी को जांच सौंपी
एसपी प्रदीप शर्मा ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई के लिए एडिशनल एसपी को जांच सौंपी और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जेलर मनोज साहू और सीएमएचओ को भी सूचित किया गया है और उन्हें जल्द से जल्द घटना की सच्चाई का पता लगाकर पुलिस को सूचित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। याद रहे कि आरोपी पूर्व में चाचा-भतीजे के विवाद में जेल गया था और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था। अब इस मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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