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गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इजरायली हमलों से ज्यादा लोग भुखमरी से मरने लगे

गाजा

गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इजरायली हमलों से ज्यादा लोग भुखमरी से मरने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि गाजा इस समय सबसे खराब समय का सामना कर रहा है। इजरायल ने लंबे समय की पाबंदी के बाद जब गाजा वालों के लिए राहत सामग्री वाले ट्रकों को जाने की इजाजत दी तो दर्जनों ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए। भूख और अभाव से त्रस्त लोगों ने राहत सामग्री वाले ट्रकों को लूट लिया। बता दें कि इजरायल ने एक बार फिर गाजा में आक्रामक तरीके से हमला शुरूर कर दिया है। गाजा सिविल डिफेंस एजेंसी के अधिकारी मोहम्मद अल मुगायीर ने बताया कि शुक्रवार को इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 71 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। इसके अलावा अब भी कई लोग लापता हैं।

यूएन चीफ ने कहा कि इजरायल को कम से कम राहत सामग्री पर रोक नहीं लगानी चाहिए। यह क्रूरता की हद है जिसका सामना गाजा के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजरायल ने 400ट्रकों को अनुमति दी थी। हालांकि इनमें से 115 ही गाजा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार तेज कर दिया है और जोरदार तबाही मचाने लगा है।

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने  कहा कि बीती रात दक्षिणी गाजा में करीब 15 ट्रंक लूट लिए गए। लोगों में भुखमरी है। ऐसे में लोगों को भरोसा नहीं है कि राहत सामग्री के और ट्रक आएंगे या नहीं। 2 मार्च के बाद सोमवार को गाजा में ट्रकों की आवाजाही शुरू हुई थी। गाजा में लोग पानी को भी तरस रहे हैं। एक फिलिस्तीनी ने कहा, मेरी बेटी सुबह से ही ब्रेड मांग रही है। लेकिन मेरे पास कुछ भी नहीं है।

इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी में आतंकवादियों के 75 से भी अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने  यहां जारी बयान में कहा कि उसकी वायुसेना ने आतंकवादियों के 75 से भी ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बयान के मुताबिक हमलों में आतंकवादियों , रॉकेट लांचरों, सैन्य परिसरो, हथियार भंडारण सुविधाओं और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान
गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली हमलों में इस सप्ताह अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, भुखमरी की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राहत समूहों के पास हफ्तों से भोजन खत्म हो चुका है और करीब 23 लाख की आबादी में से अधिकांश अब सामुदायिक रसोइयों पर निर्भर हैं, जिनके पास भी अब लगभग कुछ नहीं बचा।

रसोई में पड़ोसी जा रही पतली और पानी जैसी दाल
मीडिया रिपोर्ट की माने तो गाजा सिटी में एक रसोई में केवल पतली और पानी जैसी दाल परोसी जा रही है। वहां की निवासी सोमाया अबू अमशा ने बताया कि हमने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं देखी। ये खाना कुत्ते भी नहीं खाएं, हमारे बच्चे कैसे खाएं? इस भीषण संघर्ष को देखते हुए उन्होंने युद्ध खत्म करने की अपील की।

वेस्ट बैंक में डिप्लोमैट्स पर गोलीबारी
इसी बीच वेस्ट बैंक के जेनिन में इस्राइली सेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की जब अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का एक समूह इलाके का दौरा कर रहा था। मामले में इस्राइली सेना का कहना है कि यह दौरा अनुमति प्राप्त था, लेकिन डेलीगेशन निर्धारित रास्ते से भटक गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही वीडियो फुटेज में देखा गया कि डिप्लोमैट्स मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें आईं और सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ।

सेना ने घटना पर जताया खेद
हालांकि सेना ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि संबंधित देशों से संपर्क किया जाएगा। गौरतलब है कि जेनिन में इस्राइली सेना अकसर छापेमारी करती रही है, खासकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से वेस्ट बैंक में कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों फलस्तीनी बेघर हो चुके हैं।
टॉम फ्लेचर का दावा- 14 हजार बच्चों की हो सकती है मौत
गाजा में संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उन मीडिया रिपोर्ट्स से लगाया जा सकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख टॉम फ्लेचर के हवाले से कहा गया है कि अगर मानवीय सहायता गाजा के प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची तो 48 घंटे के भीतर लगभग 14 हजार बच्चों की मौत हो सकती है। हालांकि, फ्लेचर के इस दावे पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रवक्ता- जेन्स लार्के ने कहा है कि हजारों बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं, और उन्हें तत्काल जीवन रक्षा मदद की जरूरत है।

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