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बिज़नेस

रिलायंस इंडस्ट्रीज अब एफएमसीजी सेक्टर में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में, कंपनी का फोकस आम लोगों तक अपनी पहुंच बनाने

नई दिल्ली
 भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है। रिलायंस की नजर खासकर देश में के तेजी से बढ़ रह एमएफसीजी सेक्टर पर है। इसके लिए कंपनी एक खास रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस आम लोगों तक अपनी पहुंच बनाने पर है। इसके लिए एफएमसीजी सेक्टर में सस्ते प्रोडक्ट लाना चाहती है। दूसरी तरफ हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले और डाबर जैसी ज्यादातर कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं। यानी वे महंगे प्रोडक्ट बेच रही हैं। ऐसे में रिलायंस को इस मार्केट में एक बड़ा मौका दिख रहा है।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी कृष्णकुमार ने कहा कि उनकी नजर 60 करोड़ ग्राहकों पर है। कंपनी आस-पड़ोस की दुकानों के साथ मिलकर काम करेगी और उन्हें अच्छा मार्जिन देगी। कृष्णकुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की आबादी लगभग 1.4 अरब है। इसमें एक बड़ा मध्यम वर्ग है। लगभग 60 करोड़ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके लिए हम अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर किसी ने भी स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने की कोशिश नहीं की है। रीजनल और लोकल कंपनियों ने कोशिश की, लेकिन वे टिक नहीं पाईं।

कंपनी ने खरीदे 15 ब्रांड्स

रिलायंस का कंज्यूमर बिजनस 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। तबसे इसने 15 से ज्यादा ब्रांड खरीदे हैं। इनमें कैंपा सॉफ्ट ड्रिंक्स सबसे पहले थी। इसे 2022 में प्योर ड्रिंक्स लिमिटेड से लगभग 22 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। फिलहाल ज्यादातर ब्रांड कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कैंपा के अलावा रिलायंस के पोर्टफोलियो में Sil जैम और स्प्रेड, लोटस चॉकलेट, टॉफमैन और रावलगांव जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड, एलन का बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे खुद के बनाए ब्रांड शामिल हैं।

कृष्णकुमार ने कहा कि मार्च 2027 तक इस पोर्टफोलियो को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा। कंपनी का फोकस पेय पदार्थ और स्टेपल्स के अलावा कन्फेक्शनरी पर भी है। उन्होंने कहा, 'जब मैं कहता हूं कि हम स्केल अप कर रहे हैं, तो इसका मतलब कल नहीं है। किसी भी प्रोडक्ट को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए 24-30 महीने चाहिए, क्योंकि इससे कम समय में आप ठीक से काम नहीं कर सकते।'

आगे का प्लान

FY25 में RCPL ने 11,500 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जिसमें से 60% से ज्यादा जनरल ट्रेड से आया। कंपनी ने घोषणा की कि कैंपा और इंडिपेंडेंस दोनों ने बिक्री में 1,000 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर 10 लाख दुकानों तक पहुंच हासिल की है। कृष्णकुमार ने कहा कि हमें एक सप्लाई चेन बनाने की जरूरत है। पिछले साल के अंत तक पेय पदार्थों और स्टेपल्स में हमारी बाजार हिस्सेदारी लगभग 20% थी। हमें मार्च 2026 तक इसे 60-70% तक ले जाना है। बाकी कैटेगरी में भी हम व्यवस्थित रूप से शुरुआत करेंगे।।

सॉफ्ट ड्रिंक्स, चॉकलेट और डिटर्जेंट जैसी कैटेगरी में कंपनी ने सभी उत्पादों की कीमतें कोका-कोला, मोंडेलेज और HUL जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में 20-40% कम रखी हैं। रिलायंस की यह विस्तार योजना ऐसे समय में आई है, जब शहरों में आर्थिक मंदी है। पिछले पांच तिमाहियों में शहरों के उपभोक्ताओं ने बढ़ती खाद्य और ईंधन महंगाई के बीच गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की है। कृष्णकुमार ने कहा कि कंपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ और एक्विजिशन का मिश्रण जारी रखेगी। लेकिन भारी लागत पर अधिग्रहण नहीं करेगी।

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